
अंबेडकरनगर। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की शैक्षिक संगोष्ठी एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान समारोह का आयोजन शनिवार को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, अकबरपुर में किया गया। कार्यक्रम में जिले भर के प्रधानाचार्य, शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी शामिल हुए।
दीप प्रज्वलन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। आयोजक विद्यालय की प्रधानाचार्य रेनू वर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका समाज निर्माण में अहम है। सेवानिवृत्त शिक्षकों का अनुभव नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक साबित होता है।
कार्यक्रम में राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष यदुनाथ यादव और मंत्री इंद्रजीत यादव के नेतृत्व में शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
शिक्षा की गुणवत्ता पर हुई चर्चा
संगोष्ठी में शिक्षकों ने शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और बदलते शैक्षिक परिवेश पर विचार रखे। कई शिक्षकों ने वर्तमान शिक्षा प्रणाली में सुधार और कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने पर सुझाव दिए।
जिला विद्यालय निरीक्षक प्रवीण कुमार तिवारी ने कहा कि शिक्षक कभी पूरी तरह से सेवानिवृत्त नहीं होता। उसका अनुभव समाज को निरंतर दिशा देता है। उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों से शैक्षिक और सामाजिक गतिविधियों में जुड़े रहने की बात कही।
विशिष्ट अतिथि डीसी माध्यमिक जितेंद्र पांडे ने भी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
21 शिक्षकों और कर्मचारियों का सम्मान
कार्यक्रम में कुल 21 प्रधानाचार्य, शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को स्मृति चिन्ह और उपहार देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में सुमित्रा देवी, सुभाष चन्द्र दुबे, अनिल सिंह, गजेंद्र पाल, प्रमिला वर्मा, मीना देवी, राम भुवन यादव, शिरीन सिद्दीकी, बदामा देवी, उमा चौधरी, उषा देवी, राजपति यादव, राघवेंद्र यादव, राजमणि और ज्ञानेंद्र यादव समेत अन्य शामिल रहे।









