आगरा। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के विजय नगर स्थित पैतृक आवास पर प्रदर्शन और कालिख पोतने के मामले में जेल भेजे गए छह कांग्रेसियों को रविवार को रिहा कर दिया गया। शनिवार को सीजेएम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद आरोपियों की जमानत मंजूर हुई थी। रिहाई के बाद जिला जेल के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंच गए और नेताओं का फूल-मालाओं से स्वागत किया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला, जिसे लेकर पुलिस और कांग्रेसियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
धारा 307 हटने के बाद मिली जमानत
मामले में पुलिस ने पहले हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। कोर्ट के निर्देश के बाद विवेचना के दौरान हत्या के प्रयास से जुड़ी धारा को हटाया गया। शनिवार को सीजेएम शारिब अली की अदालत में छह आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए रिहाई के आदेश दिए।
अदालत के आदेश के मुताबिक आरोपियों पर लगी धाराएं सात वर्ष या उससे कम सजा से दंडनीय हैं और उनके खिलाफ कोई आपराधिक इतिहास भी पेश नहीं किया गया। इसके बाद 20-20 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही राशि की दो-दो प्रतिभूतियों पर जमानत मंजूर की गई।
जेल से बाहर आते ही हुआ स्वागत
रविवार सुबह कांग्रेस के छह कार्यकर्ताओं को जिला जेल से रिहा किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता जेल के बाहर मौजूद रहे। नेताओं के बाहर आते ही कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाईं और नारेबाजी की। इसके बाद समर्थकों ने जुलूस निकालने की कोशिश की।
जुलूस के दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक की स्थिति बनी।
28 सितंबर को हुआ था प्रदर्शन
यह पूरा मामला 28 सितंबर का है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसआईआर और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में विजय नगर स्थित ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान घर के गेट और दीवार पर काले पेंट से आपत्तिजनक नारे लिखे गए थे। रिपोर्टों के अनुसार वहां ‘वोट चोर’ और ‘ज्ञानेश कुमार गद्दार’ जैसे शब्द भी लिखे गए थे।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने छह कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था।
इन छह कांग्रेसियों को मिली जमानत
जिन छह कांग्रेसियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, उनमें कांग्रेस के प्रदेश संगठन महासचिव अनिल कुमार यादव, मथुरा जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर, राजेश कुमार, मनोज गौड़, राजेश गौतम उर्फ राजा गौतम और पंकज चौधरी शामिल हैं।
मामले में पुलिस ने नौ नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। आरोपों में रास्ता अवरुद्ध करने, सरकारी कार्य में बाधा, गृह अतिचार, दंगा, मारपीट, धमकी और अन्य धाराएं शामिल थीं।
कोर्ट के आदेश के बाद आगे की जांच जारी
धारा 307 यानी हत्या के प्रयास से संबंधित आरोप हटाए जाने के बाद छह आरोपियों को जमानत मिल गई है। हालांकि, मामले की अन्य धाराओं को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। प्रदर्शन के दौरान हुई गतिविधियों और उसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच भी आगे बढ़ सकती है।
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