अंबेडकरनगर। ग्रामीण महिलाओं को नेतृत्व की भूमिका निभाने और सामुदायिक समस्याओं के समाधान के लिए संगठित करने के उद्देश्य से जलालपुर ब्लॉक के मालीपुर स्थित बीआरसी कार्यालय में एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जन शिक्षण केंद्र की ओर से ग्रामीण महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत हुए प्रशिक्षण में महिला नेतृत्व के विकास, संगठन की मजबूती और सामूहिक पैरवी की रणनीतियों पर चर्चा की गई।
नेतृत्व के लिए जरूरी हैं जानकारी, साहस और जिम्मेदारी
प्रशिक्षण की शुरुआत महिलाओं की भागीदारी और रूढ़िवादी परंपराओं को तोड़ने के संदेश वाले नारे से हुई। जन शिक्षण केंद्र की कार्यकर्ता पुनीता और चांदतारा ने प्रतिभागियों का पंजीकरण कराया। ‘नाम की रेल’ गतिविधि के जरिए सभी प्रतिभागियों का परिचय कराया गया।
कार्यक्रम समन्वयक हेमलता ने प्रशिक्षण के उद्देश्य बताए। उन्होंने कहा कि नेतृत्व का मतलब केवल किसी पद पर होना नहीं है। इसके लिए सही जानकारी, प्रशिक्षण, जिम्मेदारी और सामूहिक रूप से काम करने की क्षमता जरूरी है। उन्होंने एक अच्छे नेतृत्वकर्ता के गुणों और संगठन निर्माण में उसकी भूमिका पर भी चर्चा की।
गतिविधियों के जरिए समझी संगठन की ताकत
प्रशिक्षण में समूह चर्चा के माध्यम से नेतृत्व की जिम्मेदारियों को समझाया गया। संगठन में एकजुटता और आपसी तालमेल का महत्व बताने के लिए ‘ताने-बाने का खेल’ कराया गया। इसके जरिए प्रतिभागियों ने समझा कि आपसी विश्वास, सहयोग और सामूहिक प्रयास से संगठन मजबूत होता है।
समस्याओं की पहचान कर समाधान के लिए पैरवी पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान गांवों में मौजूद समस्याओं की पहचान करने और उनके कारणों को समझने पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों को बताया गया कि समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों और जिम्मेदार अधिकारियों के सामने अपनी बात प्रभावी ढंग से रखना जरूरी है।









