मुरादाबाद में चाइनीज मांझे का कहर – बाइक सवार युवक की गर्दन कटी

  • गहरी चोट लगने से सड़क पर गिरा, हालत नाजुक।
  • स्थानीय लोगों ने कपड़े से खून रोकने की कोशिश की।
  • पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, दिल्ली रेफर किया गया।
  • संभल रोड पर एक सिपाही भी चाइनीज मांझे से घायल।
  • मुरादाबाद में पहले भी हो चुके हैं कई हादसे।

मुरादाबाद। शहर में चाइनीज मांझे का खतरा थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार शाम संभल रोड स्थित करुला इलाके में एक बाइक सवार युवक की गर्दन धारदार मांझे से कट गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

बाइक सवार युवक की गर्दन में फंसा मांझा, हालत गंभीर

घटना मझोला थाना क्षेत्र के जयंतीपुर की है, जहां 22 वर्षीय जावेद अपनी बाइक से कहीं जा रहा था। जैसे ही वह ख्वाजा वैंक्वेट हॉल के पास पहुंचा, अचानक उसकी गर्दन में चाइनीज मांझा फंस गया। धारदार मांझे ने उसकी गर्दन बुरी तरह काट दी, जिससे खून बहने लगा और वह बेसुध होकर सड़क पर गिर गया। आसपास के लोगों ने खून रोकने के लिए कपड़ा बांधा और पुलिस को सूचना दी।

तेज रफ्तार के कारण गहरी चोट, सड़क पर फैला खून

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जावेद तेज रफ्तार से बाइक चला रहा था। मांझा इतनी तेजी से उसकी गर्दन में लिपटा कि आधी से ज्यादा गर्दन कट गई। लोग उसे बचाने दौड़े, लेकिन खून लगातार बहता रहा। कुछ लोगों ने पानी पिलाने की कोशिश भी की, लेकिन हालत बिगड़ती चली गई। पुलिस ने घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया।

सिपाही भी हुआ घायल, अस्पताल में भर्ती

इसी इलाके में एक अन्य घटना में, ब्रजेश नामक सिपाही भी चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया। उसकी गर्दन पर चोट आई, जिसके चलते उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुरादाबाद में लगातार बढ़ रही चाइनीज मांझे की घटनाएं

शहर में इससे पहले भी कई लोग चाइनीज मांझे का शिकार हो चुके हैं।

  • 6 जनवरी: मेडिकल क्षेत्र में एक युवक की गर्दन कटने से मौत हो गई।

  • 7 जनवरी: एक होमगार्ड और दो साल की बच्ची गंभीर रूप से घायल हुए।

  • 2 फरवरी: दो भाई बाइक से जा रहे थे, जब उनके चेहरे और हाथ पर गंभीर चोट आई।

क्या है चाइनीज मांझा और क्यों है खतरनाक?

चाइनीज मांझा दरअसल नायलॉन या प्लास्टिक से बना होता है, जिस पर कांच, धातु के टुकड़े और केमिकल की परत चढ़ाई जाती है। यह न सिर्फ धारदार होता है बल्कि बिजली के तार से छू जाने पर करंट प्रवाहित करने की क्षमता भी रखता है। इस मांझे को भारत में प्रतिबंधित किया गया है, लेकिन फिर भी इसका उपयोग जारी है।

सरकार और प्रशासन को उठाने होंगे कड़े कदम

चाइनीज मांझे से लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद, बाजार में इसकी बिक्री रुक नहीं रही है। प्रशासन को चाहिए कि इस पर सख्ती से रोक लगाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।

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