
- भारत-श्रीलंका संबंधों को मजबूती, विकास परियोजनाओं और मानवीय मामलों पर बनी सहमति
- मोदी के श्रीलंका दौरे ने बढ़ाई रणनीतिक साझेदारी, मछुआरे रिहा, परियोजनाएं शुरू
- रेलवे से लेकर सौर ऊर्जा तक, श्रीलंका में भारत की बढ़ती भूमिका का दिखा असर
कोलंबो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया श्रीलंका दौरे ने दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई दी है। श्रीलंका में आयोजित द्विपक्षीय वार्ता के तुरंत बाद 14 भारतीय मछुआरों की रिहाई की गई, जो दोनों देशों के बीच मानवीय समझ की मिसाल है।
पीएम मोदी ने श्रीलंका की राजधानी कोलंबो और बौद्ध तीर्थ स्थल अनुराधापुरा में कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने माहो-ओमनथाई रेल खंड के आधुनिकीकरण कार्य का उद्घाटन किया और नई सिग्नल प्रणाली का शिलान्यास भी किया। इस परियोजना के लिए भारत ने 318 मिलियन डॉलर की सहायता दी है, और इसका निर्माण भारत की IRCON कंपनी द्वारा किया जा रहा है।
श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के साथ बैठक के दौरान पीएम मोदी ने भारतीय मछुआरों की रिहाई और तमिल समुदाय के अधिकारों को लेकर गंभीर चर्चा की।
इसके अलावा दोनों नेताओं ने सामपुर में बनने वाले सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह प्रोजेक्ट श्रीलंका की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम है।
मोदी को श्रीलंका की ओर से सर्वोच्च नागरिक सम्मान “मित्र विभूषण” से भी नवाजा गया, जिसे पीएम ने भारत की जनता और दोनों देशों की मित्रता का प्रतीक बताया।
उनका स्वागत पहली बार कोलंबो के इंडिपेंडेंस स्क्वायर में हुआ, जो अब तक किसी भी विदेशी अतिथि के लिए नहीं किया गया था। एयरपोर्ट पर भी श्रीलंका के छह मंत्रियों ने उनका भव्य स्वागत किया और भारी संख्या में भारतीय समुदाय ने उनका जोरदार अभिनंदन किया।








