न्यूयॉर्क सिटी के मेयर Zohran Mamdani के एक बयान ने ब्रिटिश राजशाही और भारत के बीच सदियों पुराने विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि अगर उनकी मुलाकात King Charles III से होती है, तो वे औपचारिक बातचीत के बजाय सीधे कोहिनूर हीरे की वापसी का मुद्दा उठाएंगे।
‘सीधे कोहिनूर की बात करूंगा’
ममदानी ने स्पष्ट कहा कि वे राजा से मुलाकात में ऐतिहासिक न्याय की मांग करेंगे। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला न्यूयॉर्क में 9/11 की 25वीं बरसी के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं।
ऐतिहासिक विवाद फिर चर्चा में
कोहिनूर हीरा, जो भारत की गोलकुंडा खदानों से निकला था, लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। 1849 में एंग्लो-सिख युद्ध के बाद East India Company ने इसे महाराजा दलीप सिंह से संधि के तहत ले लिया और बाद में इसे ब्रिटिश शाही परिवार को सौंप दिया गया।
लूट या कानूनी समझौता?
भारत इस हीरे को औपनिवेशिक लूट का प्रतीक मानता है, जबकि ब्रिटेन इसे एक वैध संधि का हिस्सा बताता है। यही कारण है कि यह मुद्दा दशकों से दोनों देशों के बीच संवेदनशील बना हुआ है।
‘ऐतिहासिक न्याय’ की नई बहस
ममदानी के बयान के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या औपनिवेशिक दौर में लिए गए सांस्कृतिक धरोहरों को वापस किया जाना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा सिर्फ एक हीरे का नहीं, बल्कि ऐतिहासिक न्याय और पहचान का है।
वैश्विक मंच पर उठी मांग
कोहिनूर की वापसी की मांग पहले भी कई बार उठ चुकी है, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह के बयान से बहस और तेज होने की संभावना है।









