
अदालत ने 17 अप्रैल तक बढ़ाई सुरक्षा, कॉमेडियन को राहत
पैरोडी विवाद के बीच डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाया गया सारा कंटेंट
कानूनी कार्रवाई और विरोध प्रदर्शनों के बीच खड़ा हुआ अभिव्यक्ति का सवाल
मुंबई। एक लोकप्रिय स्टैंडअप कॉमेडियन को उनके एक कार्यक्रम में गाए गए पैरोडी गीत के कारण इन दिनों कानूनी विवादों का सामना करना पड़ रहा है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को उन्हें बड़ी राहत देते हुए पुलिस द्वारा दर्ज मामले में दी गई अंतरिम सुरक्षा को 17 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। यह सुरक्षा पहले 7 अप्रैल तक थी।
कॉमेडियन ने हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल कर FIR रद्द करने की भी मांग की है, जिसमें उन्होंने इसे अपने अभिव्यक्ति के अधिकार का उल्लंघन बताया है। इस पर अब 8 अप्रैल को सुनवाई होगी।
शो के कंटेंट पर विवाद, डिजिटल प्लेटफॉर्म ने हटाया सारा डेटा
स्टैंडअप में की गई टिप्पणियों को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि एक प्रमुख टिकट बुकिंग साइट ने कॉमेडियन का नाम और सभी संबंधित सामग्री हटा दी। यह निर्णय एक राजनीतिक संगठन के विरोध के बाद लिया गया।
पुलिस समन और अदालती रुख
बताया जा रहा है कि अब तक कॉमेडियन को तीन समन भेजे जा चुके हैं, लेकिन वो पुलिस के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। हाल ही में, मद्रास हाईकोर्ट ने उन्हें ट्रांजिट अग्रिम जमानत प्रदान की थी। वहीं मुंबई पुलिस ने उनके एक शो में शामिल दर्शक को भी गवाह के रूप में बुलाया है।
कलाकार की प्रतिक्रिया
कॉमेडियन ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी स्थिति स्पष्ट की और एक दर्शक से माफी मांगते हुए उनके लिए अवकाश की पेशकश भी की। उन्होंने कानून के दायरे में रहते हुए अपनी बात रखने की बात कही है और सार्वजनिक संसाधनों की बर्बादी पर भी चिंता जताई।
एक बयान से देशभर में बहस
एक कार्यक्रम में महाराष्ट्र के एक वरिष्ठ नेता पर की गई पैरोडी से विवाद की शुरुआत हुई। इसके बाद कुछ स्थानों पर कार्यक्रम स्थलों पर तोड़फोड़ और विरोध प्रदर्शन हुए। विरोधियों का कहना है कि यह “स्वतंत्रता नहीं बल्कि एजेंडे का हिस्सा” है, जबकि कलाकार इसे “विचार और व्यंग्य की अभिव्यक्ति” मानते हैं।








