
- ₹500 करोड़ के नए शेयर, OFS से जुटेंगे ₹1,500 करोड़
- PO से जुड़े अहम बिंदु रहेंगे गोपनीय
- पिछली बार वापस लिया गया था आवेदन
नई दिल्ली: लोकप्रिय कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड boAt की मालिक कंपनी इमेजिन मार्केटिंग लिमिटेड ने मंगलवार, 8 अप्रैल को अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए पहला कदम उठा लिया है। कंपनी ने भारतीय बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग रूट के तहत ड्राफ्ट पेपर्स जमा कर दिए हैं।
इस प्रक्रिया के तहत कंपनी IPO के विवरण को तब तक सार्वजनिक नहीं करती, जब तक SEBI की स्वीकृति प्राप्त नहीं हो जाती। साथ ही, अप्रूवल मिलने के बाद कंपनी को 18 महीनों के भीतर IPO लॉन्च करने की छूट रहती है।
इश्यू में ₹500 करोड़ के नए शेयर, शेष हिस्सेदारी OFS के जरिए बिकेगी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस इश्यू में ₹500 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि शेष ₹1,500 करोड़ के शेयर मौजूदा निवेशक ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचेंगे।
बताया जा रहा है कि कंपनी ने IPO प्रक्रिया को संभालने के लिए ICICI सिक्योरिटीज, गोल्डमैन सैक्स, नोमुरा और अन्य प्रमुख बैंकरों को नियुक्त किया है।
2022 में टालना पड़ा था IPO प्लान, जुटाई थी प्राइवेट फंडिंग
गौरतलब है कि इमेजिन मार्केटिंग ने 2022 में भी ₹2,000 करोड़ के IPO के लिए आवेदन किया था, लेकिन बाजार की अनुकूल स्थिति न होने के कारण उस समय आवेदन को वापस ले लिया गया। इसके बजाय कंपनी ने निजी निवेश के जरिए करीब 60 मिलियन डॉलर (520 करोड़ रुपए) जुटाए थे।
वियरेबल सेगमेंट में मजबूत पकड़, 2024 में 26.7% मार्केट शेयर
boAt की शुरुआत 2013 में हुई थी और अगले ही साल कंपनी ने अपना प्रमुख ब्रांड लॉन्च किया। तब से लेकर अब तक कंपनी भारत की अग्रणी वियरेबल और ऑडियो डिवाइस कंपनियों में शुमार हो चुकी है। 2024 की दूसरी तिमाही तक boAt ने भारतीय वियरेबल मार्केट में 26.7% की हिस्सेदारी हासिल की है।
मजबूत निवेशकों की मौजूदगी, IPO को मिल सकता है जोरदार रिस्पॉन्स
boAt के पीछे क्वालकॉम वेंचर्स, इनोवेन कैपिटल, फायरसाइड वेंचर्स और वॉरबर्ग पिंकस जैसे बड़े निवेशकों का समर्थन है। इनका साथ और बाजार में boAt की मजबूत पकड़ इसे रिटेल और संस्थागत निवेशकों के बीच आकर्षक विकल्प बना सकता है।
DRHP से पहले कंपनी को मिलेगी वैल्यूएशन को अंतिम रूप देने की सुविधा
ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) की गोपनीय फाइलिंग से कंपनी को बाजार की स्थिति और वैल्यूएशन को बेहतर ढंग से समझने और उसे अंतिम रूप देने का अवसर मिलेगा। यह रणनीति उन कंपनियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है, जो अनिश्चित बाजार माहौल में लचीलापन चाहती हैं।








