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राहुल गांधी ने राष्ट्रपति मुर्मू को चिट्ठी में निर्दोषों को न्याय दिलाने की अपील की
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सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले पर मुहर लगाई, लेकिन CBI जांच पर रोक
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ममता बनर्जी ने कोर्ट के फैसले पर नाराज़गी जताई, भाजपा ने इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में शिक्षक और नॉन-टीचिंग स्टाफ की भर्ती रद्द करने के मामले में नया मोड़ आया है। राहुल गांधी ने इस फैसले को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को चिट्ठी लिखकर अपील की है कि जो लोग घोटाले में शामिल नहीं हैं, उन्हें नौकरी में बने रहने दिया जाए। उन्होंने लिखा कि 25,753 में कई अभ्यर्थी ऐसे हैं जिनकी गलती नहीं है, फिर भी उन्हें शिक्षा व्यवस्था से बाहर किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इस भर्ती घोटाले में CBI जांच पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कैबिनेट के फैसले की जांच सीबीआई से कराना उचित नहीं है, हालांकि नियुक्तियों को रद्द करने की जांच जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रभावित शिक्षकों से मुलाकात करते हुए कहा कि उन्होंने कोर्ट के फैसले को स्वीकार नहीं किया है और इसे योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय बताया।
वहीं, BJP ने ममता बनर्जी को घोटाले के लिए जिम्मेदार ठहराया और उनके इस्तीफे की मांग की है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि यह घोटाला युवाओं की योग्यता को पैसे में बदलने की साजिश थी।
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने 21 अप्रैल को सचिवालय मार्च की घोषणा करते हुए इसे “जन आंदोलन” बताया।
2016 में हुई इस भर्ती में कथित तौर पर 5 से 15 लाख तक की रिश्वत ली गई थी। CBI ने पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। अर्पिता के ठिकानों से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी।








