बीआरडी मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम

  • स्वस्थ शुरुआत की थीम पर आधारित बीआरडी मेडिकल कॉलेज का आयोजन बना जनचेतना का माध्यम, जहाँ दौड़, योग और नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए जीवनशैली में बदलाव का संदेश दिया गया।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुआ रन फॉर हेल्थ, योग सत्र और नुक्कड़ नाटक का आयोजन, जिसमें चिकित्सा विद्यार्थियों ने लिया सक्रिय भाग।
  • स्वास्थ्य के प्रति सजगता और जीवन में अनुशासन के महत्व को दर्शाने वाला यह आयोजन, नई पीढ़ी के भीतर स्वास्थ्य, सेवा और संवेदनशीलता की भावना जगाने वाला साबित हुआ।

अम्बेडकरनगर। जब समाज के स्वास्थ्य निर्माण का संकल्प और चिकित्सा शिक्षा की चेतना एक साथ मिलती है, तो आयोजन केवल रस्म अदायगी नहीं, बल्कि परिवर्तन की मशाल बन जाते हैं। कुछ ऐसा ही दृश्य सोमवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज, अंबेडकरनगर में देखने को मिला, जहाँ कम्युनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा विश्व स्वास्थ्य दिवस पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की थीम रही – “स्वस्थ शुरुआत, आशापूर्ण भविष्य”, जिसमें योग, नाटक और सामूहिक भागीदारी के जरिए विद्यार्थियों और स्टाफ को स्वास्थ्य के प्रति सचेत किया गया। आयोजन का नेतृत्व कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. आभास कुमार सिंह एवं उप-प्रधानाचार्य डॉ. उमेश वर्मा के संरक्षण में हुआ।

रन फार हेल्थ से हुई शुरुआत, योग से बढ़ा आत्मसंतुलन

दिन की शुरुआत “रन फार हेल्थ” दौड़ से हुई, जिसमें छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके पश्चात योग सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें योग प्रशिक्षक मनीष यादव ने शारीरिक और मानसिक लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित योग से जीवनशैली जनित बीमारियों में राहत मिलती है और तनाव से मुक्ति पाई जा सकती है।

नुक्कड़ नाटक ने छू लिया दिल

कार्यक्रम की विशेष प्रस्तुति रही नर्सिंग विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक, जिसमें स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही और जागरूकता के फर्क को बेहद सजीवता से दर्शाया गया। संवादों और भावों से भरी इस प्रस्तुति ने सभी को गहराई से सोचने पर विवश कर दिया।

विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

डॉ. आतिफ ने कहा, “स्वस्थ दिनचर्या दीर्घायु जीवन की कुंजी है। योग, संतुलित आहार और समय का प्रबंधन जीवन को बेहतर बनाते हैं।”
वहीं डॉ. शिवरतन ने बताया, “डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियाँ केवल संयमित खानपान और नियमित व्यायाम से ही रोकी जा सकती हैं।”

इस अवसर पर डॉ. दीपक, राना भानु प्रताप सिंह, ललित मोहन, नर्सिंग संकाय के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण, एमबीबीएस, नर्सिंग और पीजी छात्र-छात्राओं की सक्रिय उपस्थिति ने इस आयोजन को सार्थक और प्रभावशाली बना दिया।

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