- शीशा खटखटाकर करते थे शिकार
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लोरेटो स्कूल के पास दिया वारदात को अंजाम
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125 सीसीटीवी फुटेज से पकड़े गए आरोपी
लखनऊ। गौतमपल्ली पुलिस ने “ठक-ठक गैंग” के चार शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर एक बड़ी टप्पेबाजी का भंडाफोड़ किया है। ये आरोपी ट्रैफिक सिग्नल पर खड़ी कारों को निशाना बनाते थे। किसी बहाने से ड्राइवर को शीशा खोलने पर मजबूर करते, फिर बातों में उलझाकर मोबाइल, पर्स और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो जाते।
डीसीपी सेंट्रल आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में रवीन्द्र कुमार, रिजवान, रिज्जू उर्फ रिजवान और अजीम शामिल हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी जुटाने के लिए पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
वारदात ऐसे देते थे अंजाम
घटना का खुलासा एलडीए कॉलोनी, कानपुर रोड निवासी संतोष कुमार वर्मा की शिकायत से हुआ। शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे जब वे लोरेटो स्कूल के पास ट्रैफिक में फंसे थे, तभी एक युवक ने अचानक कार को टक्कर मारी। दूसरे युवक ने शीशा पीटना शुरू किया और बातचीत में उलझाकर कार की सीट से सैमसंग मोबाइल और पर्स गायब कर दिया।
125 सीसीटीवी कैमरों की जांच से हुआ पर्दाफाश
पुलिस टीम ने इलाके के 125 सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसके आधार पर आरोपियों की सफेद होंडा सिटी कार का पता चला। विक्रमादित्य मार्ग के पास कार को रोका गया, जिसमें चार युवक बैठे थे। तलाशी के दौरान उनके पास से 23 चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए।
मेरठ में बनाई गैंग, पूरे यूपी में करते थे टप्पेबाजी
पूछताछ में खुलासा हुआ कि सभी आरोपी मेरठ के रहने वाले हैं और वहीं फेरी लगाने का काम करते थे। वहीं पर उन्होंने गिरोह बनाकर टप्पेबाजी शुरू की। इसके लिए इन्होंने सलेमपुर, मेरठ से 80 हजार रुपये में कार खरीदी। ये आरोपी अलग-अलग शहरों में जाकर वारदातों को अंजाम देते थे।
लखनऊ में तीन दिन पहले पहुंचे, होटल में ठहरे
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे तीन दिन पहले लखनऊ पहुंचे थे और सीतापुर रोड स्थित एक होटल में रुके थे। गौतमपल्ली में उन्होंने पहली वारदात को अंजाम दिया। सभी मोबाइल फोन लखनऊ में की गई टप्पेबाजी से ही हासिल किए गए हैं। पुलिस अब मोबाइल फोन मालिकों की पहचान कर रही है।








