
जिला विद्युत संविदा कर्मियों ने वेतन और सुरक्षा संबंधी मांगों को लेकर प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
मार्च का वेतन, बीमा और सुरक्षा उपकरण न मिलने से नाराज़ कर्मियों ने जताई नाराज़गी
बिना सुरक्षा के कार्यरत संविदा कर्मियों ने कहा—‘हम बिजली विभाग की रीढ़, फिर भी उपेक्षित’
अम्बेडकरनगर। प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था को अपने कंधों पर ढोने वाले संविदा विद्युतकर्मियों ने अब अपनी उपेक्षा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर पहुंचे कर्मचारियों ने मंडल उपाध्यक्ष राजन चौधरी के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपते हुए लंबित वेतन, बीमा, ईपीएफ और सुरक्षा उपकरणों को लेकर तीखी नाराज़गी जताई।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें क्या हैं?
राजन चौधरी ने बताया कि प्राइमवन वर्कफोर्स प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल द्वारा मार्च 2025 का वेतन अब तक नहीं दिया गया है, जबकि अनुबंध की शर्तों के मुताबिक हर माह की 7 तारीख तक भुगतान जरूरी है।
इतना ही नहीं, फरवरी व मार्च का ईपीएफ जमा नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों की भविष्य सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
बीमा तो किया, पर लाभ नहीं मिला
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि हिमवन वर्कफोर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किए गए बीमा (आईसी/डब्ल्यूसी) के कार्ड तक उपलब्ध नहीं कराए गए। ऐसे में बीमा का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा।
सुरक्षा किट और परिचय पत्र तक नहीं दिए गए
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि अधिकांश कर्मी बिना सेफ्टी किट और बिना आधिकारिक पहचान पत्र के बिजली लाइनों पर कार्य कर रहे हैं। ऐसे में हर दिन उनकी जान जोखिम में रहती है, और कोई जवाबदेही नहीं होती। “हम त्योहारों, तूफानों और बारिश में भी बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखते हैं, लेकिन हमें केवल अस्थायी मजदूर समझा जाता है।” — राजन चौधरी
मांगे पूरी न होने पर चेताया आंदोलन
संविदा कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मार्च का वेतन नहीं मिला, बीमा और ईपीएफ जमा नहीं हुए, और सुरक्षा उपकरण व परिचय पत्र नहीं दिए गए—तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे।








