
अम्बेडकरनगर में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत बड़ी संख्या में युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिले हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2100 लाभार्थियों का लक्ष्य तय किया गया था, जबकि 2204 युवाओं को योजना का लाभ दिया गया। इस दौरान 916.68 लाख रुपये की धनराशि वितरित की गई।
बिना ब्याज ऋण और अनुदान से मिल रही मदद
उपायुक्त उद्योग के अनुसार, यह योजना सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने और बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए चलाई जा रही है। योजना के तहत 5 लाख रुपये तक की परियोजनाओं के लिए चार वर्ष तक बिना ब्याज ऋण दिया जाता है। इसके साथ ही परियोजना लागत का 10 प्रतिशत अनुदान भी मिलता है, जिससे शुरुआती पूंजी की समस्या कम होती है।
2026-27 में भी जारी है योजना का विस्तार
वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के तहत 2200 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 40 युवाओं को 17.49 लाख रुपये की धनराशि बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा चुकी है। आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया आगे भी जारी है।
युवाओं में बढ़ रही उद्यमिता की रुचि
योजना के चलते जिले में युवाओं के बीच स्वरोजगार को लेकर रुचि बढ़ी है। छोटे उद्योग, सेवा क्षेत्र और व्यापार से जुड़े नए उद्यम शुरू करने में युवा आगे आ रहे हैं। प्रशासन के अनुसार, योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।
लक्ष्य से अधिक उपलब्धि, बढ़ा भरोसा
पिछले वित्तीय वर्ष में लक्ष्य से अधिक लाभार्थियों को जोड़ना योजना की सफलता के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में अधिक युवाओं को जोड़ने के लिए प्रक्रिया को और सरल बनाया जा रहा है।









