ट्रम्प की सख्ती- ईरान नहीं माना तो होगी ‘ऐतिहासिक’ बमबारी

  • अमेरिकी राष्ट्रपति की दो टूक – ईरान ने नहीं मानी शर्तें तो भुगतना पड़ेगा अंजाम

  • परमाणु डील पर बनी खतरनाक खाई, ओमान में आज आमने-सामने होंगे प्रतिनिधि

  • ट्रम्प का अल्टीमेटम – 60 दिन में फैसला वरना सैन्य कार्रवाई तय

ओमान।  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को दो टूक चेतावनी दी है कि अगर वह अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम नहीं छोड़ता तो गंभीर परिणाम भुगतने को तैयार रहे। ट्रम्प की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति की प्राथमिकता है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार न हासिल कर सके।

शनिवार को ओमान में अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची के बीच अहम बैठक होगी। यह एक दशक से अधिक समय में पहली औपचारिक बातचीत है।

60 दिन की मोहलत, वरना सैन्य कार्रवाई
पॉलिटिको की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने ईरान को नई डील पर सहमति के लिए 60 दिन का समय दिया है। उन्होंने यह बात एक चिट्ठी के जरिए ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई को कही है।

ईरान के पास 6 बम बनाने लायक यूरेनियम
IAEA के अनुसार, ईरान के पास 275 किलो 60% शुद्धता वाला यूरेनियम है, जो छह परमाणु बम बनाने के लिए काफी है।

इजराइल को चेतावनी, ‘गड़बड़ी मत करना’
ट्रम्प ने इजराइली PM नेतन्याहू को वार्ता में हस्तक्षेप न करने की सख्त चेतावनी दी है। वहीं अमेरिका, इजराइल और अरब सूत्रों के मुताबिक, वार्ता विफल होने पर साल के अंत तक ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी हो सकती है।

इतिहास में झांके क्यों है दोनों देशों की दुश्मनी

  • 1953: अमेरिका ने ईरान में तख्तापलट कर शाह को सत्ता में बैठाया।

  • 1979: ईरानी क्रांति में अमेरिका विरोधी खुमैनी सत्ता में आए।

  • 1979-81: तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर हमला, 52 लोग बंधक बने।

  • 2015: ओबामा सरकार ने परमाणु समझौता किया, जिसे ट्रम्प ने 2018 में खत्म कर दिया।

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