
- नारायण फाउंडेशन की सामाजिक जागरूकता पहल: बाबा साहब की जयंती पर भंडारे और जलपान का आयोजन
- बाबा साहब की जयंती पर कलेक्ट्रेट परिसर में श्रद्धा और सेवा का अद्भुत संगम
- नारायण फाउंडेशन का पर्यावरण संरक्षण का संदेश: जूट बैग वितरण से प्लास्टिक के बहिष्कार की पहल
अम्बेडकरनगर। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर नारायण फाउंडेशन ने एक अद्वितीय पहल की। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित बाबा साहब की प्रतिमा के समक्ष विशाल भंडारे, जलपान और जूट बैग वितरण का आयोजन किया गया, जो सामाजिक जागरूकता और सेवा का अनुपम उदाहरण बना।
श्रद्धालुओं की लंबी कतारें और सामाजिक समरसता का संदेश
सुबह से ही कलेक्ट्रेट परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रही। हजारों लोगों ने बाबा साहब के चरणों में पुष्पांजलि अर्पित की और नारायण फाउंडेशन के भंडारे में भाग लिया। इस आयोजन ने समाज में समरसता और भाईचारे का भाव और भी मजबूत किया।
पर्यावरण संरक्षण के लिए जूट बैग वितरण
नारायण फाउंडेशन ने पर्यावरण संरक्षण के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया। सिंगल यूज प्लास्टिक के बहिष्कार के तहत, फाउंडेशन ने जूट बैग और बाबा साहब के प्रतीक चिन्ह का निःशुल्क वितरण किया, जिससे जनजागरूकता का संदेश फैलाया गया।
विवेक मौर्य ने बाबा साहब के योगदान को सराहा
नारायण फाउंडेशन के संरक्षक विवेक मौर्य ने बाबा साहब के योगदान को याद करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर जी ने दलितों और पिछड़ों के उत्थान के लिए जीवनभर संघर्ष किया और समता आधारित समाज की स्थापना की दिशा में काम किया। उन्होंने यह भी कहा कि फाउंडेशन बाबा साहब के विचारों से प्रेरित होकर समाज सेवा, स्वच्छता और समानता के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।








