- गुणवत्ता शिक्षा की ओर एक नई पहल
- एआरपी को मिलेगा वार्षिक मूल्यांकन का आधार
- ‘निपुण भारत मिशन’ को मिलेगा नया बल
अम्बेडकरनगर। बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक स्तर सुधारने के लिए नए एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) की नियुक्ति प्रक्रिया तेज कर दी है। इन शिक्षकों को तीन साल के कार्यकाल के लिए चुना गया है, लेकिन उनका पद वार्षिक मूल्यांकन पर निर्भर करेगा।
80% दक्षता वाले स्कूल होंगे ‘निपुण’
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भोलेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, प्रत्येक एआरपी को 10 विद्यालयों को ‘निपुण’ बनाने का लक्ष्य दिया गया है। ‘निपुण भारत मिशन’ के तहत वे स्कूल जहां 80% से अधिक छात्र भाषा और गणित में दक्ष होंगे, उन्हें ‘निपुण’ घोषित किया जाएगा।
प्रतिभा और कौशल को मिली प्राथमिकता
पिछले तीन वर्षों से कार्यरत एआरपी शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर नई चयन प्रक्रिया अपनाई गई है। इस बार प्रतिभा, दृष्टिकोण और शिक्षण कौशल को आधार बनाया गया है। जिले के प्रत्येक ब्लॉक में 5-5 एआरपी नियुक्त किए जाएंगे।
लिखित परीक्षा और माइक्रो टीचिंग से होगा चयन
7 अप्रैल को हुई लिखित परीक्षा में 116 आवेदकों में से केवल 84 शिक्षकों ने भाग लिया। 60% से अधिक अंक पाने वाले उम्मीदवारों को माइक्रो टीचिंग के आधार पर अंतिम रूप से चुना जाएगा। हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों के विशेषज्ञों ने प्रश्नपत्र तैयार किए थे।
शिक्षण समस्याओं का समाधान करेंगे एआरपी
नवनियुक्त एआरपी शिक्षक विद्यालयों में जाकर शिक्षण संबंधी समस्याओं का समाधान करेंगे। सुपरविजन, टीचिंग मॉड्यूल लागू करने और छात्रों की दक्षता बढ़ाने जैसे कार्यों के जरिए वे ‘निपुण ब्लॉक’ और ‘निपुण जिला’ के लक्ष्य को पूरा करने में सहयोग देंगे।








