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रहमान का रूहानी रिश्ता: ‘ख्वाजा मेरे ख्वाजा’ पहले रहमान के लिए था, लेकिन गया फिल्म को
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गायब नहीं हो सकता था वो संगीत: आशुतोष गोवारिकर ने जब मांगा, रहमान ने रखी ये शर्त
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जो दिल के सबसे करीब था: एक ऐसा गाना, जिसे ए.आर. रहमान ने बनाया था खुद के लिए
मुंबई। भारतीय संगीत के जादूगर ए.आर. रहमान, जिन्हें दुनिया संगीतकार, गायक और परोपकारी व्यक्तित्व के रूप में जानती है, ने एक ऐसा खुलासा किया है जो उनके फैंस को चौंका सकता है। साल 2008 में आई फिल्म जोधा अकबर का मशहूर सूफी गीत ‘ख्वाजा मेरे ख्वाजा’ दरअसल रहमान ने अपने लिए बनाया था — लेकिन फिर यह गाना फिल्म का हिस्सा बन गया।
एक इंटरव्यू में जब रहमान से पूछा गया कि क्या कोई ऐसा गीत है जिसे उन्होंने खुद के लिए रचा हो लेकिन बाद में साझा करना पड़ा, तो उन्होंने तुरंत इस गाने का नाम लिया। उन्होंने बताया कि यह गीत उनके दिल के बेहद करीब था, लेकिन जब निर्देशक आशुतोष गोवारिकर ने फिल्म में अकबर के अजमेर शरीफ जाने वाले सीन के लिए सूफी ट्रैक की इच्छा जताई, तो रहमान ने यह गाना उन्हें दे दिया — लेकिन एक खास शर्त के साथ। “मैंने कहा कि आप गाना ले सकते हैं, लेकिन इसमें कोई बदलाव नहीं होगा,” रहमान ने कहा। गाना सुनने के बाद गोवारिकर ने विनती की — “कृपया यह गाना मुझे दे दीजिए।” और इस तरह यह रूहानी गीत रहमान की आत्मा से निकलकर पूरी दुनिया की धड़कन बन गया।
जोधा अकबर: इतिहास, संगीत और आत्मा का संगम
आशुतोष गोवारिकर के निर्देशन में बनी फिल्म जोधा अकबर में ऋतिक रोशन और ऐश्वर्या राय बच्चन मुख्य भूमिका में थे। फिल्म की भव्यता और कथानक जितना दर्शकों को प्रभावित करता है, उतना ही रहमान का संगीत आत्मा को छू जाता है। ‘ख्वाजा मेरे ख्वाजा’ न केवल फिल्म का एक महत्वपूर्ण मोमेंट बन गया, बल्कि आज भी यह ट्रैक हर संगीतप्रेमी की प्लेलिस्ट में शामिल है।








