
बाजार में बढ़ी अस्थिरता के बीच गोल्ड बना सुरक्षित निवेश का विकल्प
डॉलर की मजबूती और वैश्विक तनाव ने बढ़ाई कीमती धातुओं की मांग
शादी सीज़न और गिरता रुपया बना सोने की कीमत में उछाल का कारण
नई दिल्ली। इस हफ्ते सोने और चांदी के दामों में तेजी देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, सोना 1,557 रुपए प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ है, जबकि चांदी ने 2,222 रुपए प्रति किलो का उछाल दर्ज किया है।
सोने ने बनाया नया रिकॉर्ड
- 11 अप्रैल को 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 93,353 रुपए (प्रति 10 ग्राम) थी, जो 17 अप्रैल तक बढ़कर 94,910 रुपए हो गई। यह सोने का अब तक का सर्वकालिक उच्च स्तर है।
- चांदी का भाव 92,929 रुपए (प्रति किलो) से बढ़कर 95,151 रुपए पर पहुंच गया। हालांकि, 28 मार्च को चांदी ने 1,00,934 रुपए का ऑल-टाइम हाई बनाया था।
सोने में तेजी के 3 प्रमुख कारण
- ग्लोबल मंदी की आशंका: अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ युद्ध की आशंका से निवेशक सोने की ओर रुख कर रहे हैं। मंदी के दौर में गोल्ड को सुरक्षित निवेश माना जाता है।
- रुपए की कमजोरी: डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार गिर रहा है, जिससे सोने का आयात महंगा हो गया है। इस साल रुपए में 4% की गिरावट दर्ज की गई है।
- शादियों का सीजन: आगामी शादियों के मौसम में गहनों की मांग बढ़ी है। दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे शहरों में ज्वैलर्स ने ऊंची कीमतों के बावजूद बिक्री में तेजी बताई है।
साल के अंत तक सोना 1.10 लाख तक पहुंच सकता है
गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर और आर्थिक अनिश्चितता के चलते इंटरनेशनल मार्केट में सोना 3,700 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है। यदि ऐसा हुआ, तो भारत में 10 ग्राम सोने की कीमत 1.10 लाख रुपए तक पहुंच सकती है।
खरीदारी करते समय यह सावधानी बरतें
- केवल BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें।
- सोने पर 6-अंकों का HUID (हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर) होना चाहिए, जैसे – AZ4524।
- हॉलमार्किंग से सोने की शुद्धता (कैरेट) की पुष्टि होती है।








