
- विहिप ने बंगाल में बढ़ती सांप्रदायिक हिंसा पर चिंता जताई, केंद्र से जल्द हस्तक्षेप की अपील
- वक्फ कानून के विरोध में हिंसा: विहिप ने राज्य सरकार पर दंगाइयों का समर्थन करने का आरोप लगाया
- विहिप ने कहा- बंगाल में हो रही हिंसा हिंदू समाज के खिलाफ एक सुनियोजित साजिश है
अम्बेडकरनगर । विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून के विरोध के नाम पर फैल रही हिंसा को लेकर गहरी चिंता जताई है। संगठन ने शुक्रवार को एक जनपदीय पैदल मार्च निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
हिंदू समाज को निशाना बनाया जा रहा
विहिप नेताओं ने आरोप लगाया कि मुर्शिदाबाद से शुरू हुई हिंसा अब पूरे बंगाल में फैल चुकी है। उन्होंने कहा कि वक्फ कानून के विरोध का यह आंदोलन महज एक बहाना है, जबकि असल में यह हिंदू समुदाय को टार्गेट करने वाला सुनियोजित षड्यंत्र है। विहिप ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कई जगहों पर प्रशासन दंगाइयों का साथ दे रहा है, जिससे हालात और बिगड़ रहे हैं।
केंद्र सरकार तुरंत कार्रवाई करे
विहिप ने राष्ट्रपति से अपील की कि वे केंद्र सरकार को निर्देश दें कि वह बंगाल में प्रशासनिक नियंत्रण अपने हाथ में ले और हिंसा फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। संगठन ने स्पष्ट किया कि 11 अप्रैल को हुए हिंसक प्रदर्शनों का हिंदू समाज से कोई लेना-देना नहीं था, बल्कि यह उनके खिलाफ एक सुनियोजित हमला था।
वक्फ कानून बनाने में हिंदुओं की कोई भूमिका नहीं
विहिप प्रान्त सदस्य श्याम बाबू गुप्ता ने कहा, “वक्फ कानून के नाम पर हिंदू समाज को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि इस कानून के निर्माण में हमारी कोई भूमिका नहीं थी। यह एक साजिश है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
जिलाध्यक्ष प्रदीप पांडे ने कहा, “बंगाल में प्रशासन की चुप्पी और दंगाइयों को समर्थन दिखाता है कि यहां लोकतंत्र नहीं, बल्कि आतंक का शासन है। राष्ट्रपति को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए।”
प्रमुख उपस्थित नेता
इस मौके पर विहिप के जिला मंत्री विकास मौर्य, बजरंग दल संयोजक आलोक चौरसिया, भाजपा नेता रामेश गुप्ता सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अन्य मांगें
- हिंसा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई
- पीड़ित हिंदू परिवारों को मुआवजा और सुरक्षा
- राज्य सरकार द्वारा हिंदू समुदाय के प्रति पक्षपातपूर्ण रवैया बंद करना
विहिप ने चेतावनी दी कि अगर केंद्र सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो हिंदू संगठनों द्वारा बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा।








