
- संघ प्रमुख ने अचानक किया पांच वर्षीय स्वयंसेवक विभोर के घर का दौरा
- लगभग एक घंटे तक परिजनों संग बिताया समय, बच्चे से की पढ़ाई और शाखा की चर्चा
- शाखा में भाग लेकर स्वयंसेवकों को दिया सामाजिक समरसता और संस्कारों का संदेश
अलीगढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने अलीगढ़ प्रवास के दौरान एक विशेष और भावनात्मक पहल की। उन्होंने अचानक एक छोटे बाल स्वयंसेवक के घर पहुंचकर न सिर्फ परिवार को चौंका दिया, बल्कि संघ के विचारों की मानवीयता को भी दर्शाया। यह मुलाकात सिर्फ औपचारिकता नहीं थी, बल्कि समाज के हर वर्ग से जुड़ने की संघ की भावना को साकार करने वाली थी। अलीगढ़ में अपने प्रवास के तीसरे दिन मोहन भागवत अचानक बाल स्वयंसेवक विभोर शर्मा के घर पहुंचे। गेट पर खड़ी वृद्ध महिला से उन्होंने शिष्टता से पूछा, “क्या यह विभोर शर्मा का घर है?” जवाब में दादी ने मुस्कुराकर हामी भरी और बताया कि वे विभोर की दादी हैं।
इसके बाद घर से विभोर और उसके माता-पिता बाहर आए और भागवत को देख भावुक हो गए। लगभग एक घंटे तक संघ प्रमुख उनके घर पर रुके। इस दौरान उन्होंने चाय, खजूर, बिस्किट और नमकीन के साथ आत्मीय संवाद किया। विभोर से उन्होंने स्कूल, शाखा और उसकी रुचियों के बारे में पूछा। विभोर ने सभी सवालों के सहजता से उत्तर दिए।
विभोर के पिता दिवाकर शर्मा संघ में पदाधिकारी हैं और आईटी पेशेवर हैं। मां गरिमा और दादी कुसुम ने बताया कि विभोर शाखा में नियमित रूप से भाग लेता है और वहां के स्वयंसेवकों का प्रिय है।








