- आयरलैंड की कागजी कंपनियों से बचाया टैक्स, अब आयकर विभाग की सख्ती
- 2021-23 के वित्तीय वर्षों में गड़बड़ी का आरोप, कंपनियों ने दी कानूनी चुनौती
- DTAA का दुरुपयोग कर भारत में टैक्स बचाने की रणनीति पर उठे सवाल
नई दिल्ली। इनकम टैक्स विभाग ने देश की तीन बड़ी डोमेस्टिक एयरलाइन कंपनियों और उनसे जुड़े 15 अंतरराष्ट्रीय एयरक्राफ्ट लीजर्स को करीब ₹1,500 करोड़ का टैक्स नोटिस भेजा है। इन कंपनियों पर आरोप है कि इन्होंने आयरलैंड में बनाई गई शेल कंपनियों के जरिए भारत में टैक्स से बचने की कोशिश की। यह नोटिस अक्टूबर 2024 और मार्च 2025 के बीच भेजे गए।
SPV के जरिए टैक्स बचाने का आरोप- विभाग के मुताबिक, एयरलाइंस कंपनियों ने स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) या स्पेशल पर्पज कंपनी (SPC) के नाम से आयरलैंड में ऐसी कंपनियां बनाई जिनका न कोई ऑफिस है, न कर्मचारी और न ही कोई वास्तविक कारोबार। इनका उद्देश्य सिर्फ भारत और आयरलैंड के बीच डबल टैक्सेशन अवॉइडेंस एग्रीमेंट (DTAA) का फायदा उठाकर टैक्स बचाना था। हालांकि, एयरलाइंस कंपनियों ने इस आरोप को खारिज किया है और इसे कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। वहीं, आयरलैंड सरकार ने भी अपने देश की लीजिंग कंपनियों का बचाव करते हुए कहा है कि उन्हें शेल कंपनी बताना गलत है।
इंडिगो को मिला ₹944.20 करोड़ का टैक्स नोटिस- इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड, जो कि इंडिगो की पेरेंट कंपनी है, को 30 मार्च 2025 को आयकर विभाग की ओर से ₹944.20 करोड़ का पेनाल्टी ऑर्डर जारी किया गया था। यह पेनाल्टी असेसमेंट ईयर 2021-22 के लिए इनकम टैक्स एक्ट की धारा 270A के तहत लगाई गई। इसके अलावा कंपनी पर चेन्नई के संयुक्त आयकर आयुक्त ने ₹2.84 करोड़ का जुर्माना भी लगाया।








