- वक्फ बचाओ’ आंदोलन: AIMPLB ने राजधानी में उठाई आवाज़, क्या मिलेगा परिणाम?
- वक्फ कानून के खिलाफ AIMPLB का विरोध, संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी
- असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ कानून पर उठाए सवाल, AIMPLB के समर्थन में जुटे मुस्लिम नेता
नई दिल्ली। आज मंगलवार को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में ‘वक्फ बचाव अभियान’ के तहत बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। इस कार्यक्रम का नाम ‘तहफ्फुज-ए-औकाफ कारवां’ (वक्फ की हिफाजत) रखा गया था, जिसमें देशभर के मुस्लिम संगठनों के अध्यक्ष और प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में प्रमुख मुस्लिम नेता जैसे जमात-ए-इस्लामी हिंद के प्रतिनिधि और इमाम-ए-मुस्लिम परिषद असदुद्दीन ओवैसी ने भी भाग लिया। इस बैठक में वक्फ कानून के खिलाफ रणनीतिक चर्चा की गई और यह तय किया गया कि आगामी दिन में इस मामले में कानूनी लड़ाई जारी रखी जाएगी। यह बैठक सुबह 10 बजे शुरू होकर दोपहर तक चली।
वक्फ कानून का विरोध और उपराष्ट्रपति का बयान
वहीं, वक्फ कानून के विरोध के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र में संविधान को चुनौती स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों को चेतावनी दी जानी चाहिए, और यदि वे नहीं समझते हैं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
AIMPLB का ‘वक्फ बचाओ, संविधान बचाओ’ अभियान
AIMPLB ने अपने ‘वक्फ बचाव अभियान’ को एक बड़े जन आंदोलन में बदलने की योजना बनाई है। इस आंदोलन का पहला चरण 11 अप्रैल से शुरू हुआ और 7 जुलाई तक चलेगा। AIMPLB ने इस दौरान 1 करोड़ हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य रखा है, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा जाएगा।








