- वर्ल्ड बैंक ने घटाई FY26 के लिए GDP ग्रोथ दर 6.3% की
- IMF ने भी 6.5% से घटाकर 6.2% किया अनुमान
- RBI और मूडीज ने भी आर्थिक वृद्धि का अनुमान घटाया
नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था को लेकर एक के बाद एक अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने निराशाजनक आकलन पेश किया है। वर्ल्ड बैंक और IMF दोनों ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर को कम कर दिया है। ऐसे में भारत की आर्थिक रफ्तार को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
वर्ल्ड बैंक ने मंगलवार को भारत की FY26 में GDP ग्रोथ का अनुमान घटाकर 6.3% कर दिया है, जो पहले 6.7% था। इसके पीछे वैश्विक व्यापार नीतियों में बदलाव और कमजोर होती वैश्विक मांग को कारण बताया गया है। वर्ल्ड बैंक ने चेतावनी दी है कि निजी निवेश पर सकारात्मक मौद्रिक प्रभाव को ग्लोबल अनिश्चितताएं कम कर सकती हैं।
इसके पहले 22 अप्रैल को IMF ने भी FY26 के लिए ग्रोथ रेट घटाकर 6.2% कर दिया था, जबकि पहले यह अनुमान 6.5% था। वहीं, 9 अप्रैल को RBI ने भी अपनी मौद्रिक नीति बैठक में FY26 की वृद्धि दर 6.5% आंकी थी।
16 अप्रैल को मूडीज ने भी भारत की ग्रोथ रेट घटाकर 5.5%-6.5% के बीच कर दी थी। मूडीज ने इसके लिए अमेरिका की नई टैरिफ नीति और उसके असर को जिम्मेदार बताया।
तीसरी तिमाही (Q3 FY25) में भारत की GDP ग्रोथ घटकर 6.2% पर आ गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 8.4% थी। NSO द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा वित्त वर्ष 2024-25 की ग्रोथ रेट 6.5% रहने की उम्मीद है।








