
- चारबाग स्थित विकास दीप कॉम्प्लेक्स की छज्जा गिरने से युवक की मौत
- इमारत जर्जर, प्लास्टर उखड़ा, रेलिंग टूटी, लिफ्टें बंद
- 12 मंजिला इमारत में 10 सरकारी दफ्तर, कई बंद पड़े
लखनऊ। लखनऊ के चारबाग स्थित बहुमंजिला विकास दीप कॉम्प्लेक्स अब विकास नहीं, बदहाली की तस्वीर बन चुका है। छज्जा गिरने से हुई मौत ने इमारत की खस्ताहाल स्थिति को उजागर कर दिया है। दशकों पहले आदर्श परिसर के रूप में तैयार हुआ यह भवन आज जानलेवा बन गया है।
वर्ष 1994 में बनाए गए 12 मंजिला विकास दीप कॉम्प्लेक्स की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि बुधवार को छज्जा गिरने से एक युवक की मौत हो गई। इसके बाद जब प्रशासन की निगाह इस इमारत पर गई, तो सामने आया कि यह पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। प्लास्टर झड़ चुका है, रेलिंग टूटी हुई है और शीशे तक टूटे पड़े हैं।
तीन में से सिर्फ एक लिफ्ट काम कर रही है, जबकि दो लिफ्ट कूड़ाघर में बदल चुकी हैं। पूरे कॉम्प्लेक्स में गंदगी का आलम है और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नदारद है।
इस इमारत में 10 सरकारी कार्यालय संचालित हैं, लेकिन कई दफ्तरों में काम ठप पड़ा है और ऊपरी मंजिलें पूरी तरह खाली हैं। नीचे की दुकानों में अवैध कब्जे और बिजली चोरी आम बात हो चुकी है।
रजिस्ट्रार समीर ने कॉम्प्लेक्स की बिगड़ती स्थिति को लेकर LDA और पुलिस प्रशासन को पत्र भेजा था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। LDA सिर्फ बिजली मरम्मत तक सीमित है, जबकि सिविल मेंटेनेंस और सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है।
इस इमारत को आदर्श व्यावसायिक परिसर के रूप में देखा गया था, लेकिन अब यह असामाजिक तत्वों और बदइंतजामी का शिकार होकर बर्बादी की मिसाल बन गया है।







