
- हमले के बाद कड़ा कदम: भारत ने पाकिस्तान से जमीनी व्यापार ठप किया
- अटारी बॉर्डर सील: लौटने लगे पाक नागरिक, भारतीय यात्री भी लौटाए गए
- पाकिस्तान को आर्थिक चोट देने की तैयारी में भारत
अमृतसर। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के साथ व्यापारिक संबंधों को एक और बड़ा झटका देते हुए अटारी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) को तत्काल प्रभाव से बंद करने का ऐलान कर दिया है। यह कदम बुधवार को हुई कैबिनेट सुरक्षा समिति की बैठक के बाद लिया गया। हमले में 28 निर्दोष पर्यटकों की मौत के बाद भारत ने यह सख्त फैसला लिया है, जिसका मकसद पाकिस्तान पर आर्थिक दबाव बनाना है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने जानकारी देते हुए बताया कि जो पाकिस्तानी नागरिक भारत में वीजा लेकर आए थे, उन्हें 48 घंटे में अपने देश लौटने का निर्देश दिया गया है। वहीं जो भारतीय यात्री पाकिस्तान जाने की योजना बना रहे थे, उन्हें अटारी बॉर्डर से लौटा दिया गया है। मिस्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जो यात्री पहले ही पाकिस्तान जा चुके हैं, उन्हें 1 मई 2025 तक वापसी की अनुमति दी गई है। उसके बाद यह जमीनी मार्ग पूरी तरह बंद हो जाएगा।
भीड़भाड़ और अफरा-तफरी का माहौल
अटारी चेक पोस्ट पर गुरुवार सुबह से ही बड़ी संख्या में यात्रियों की भीड़ देखी गई। एक तरफ पाकिस्तानी नागरिक अपने देश लौटने की कतार में नजर आए, तो दूसरी ओर कई भारतीय नागरिक जो पाकिस्तान जाना चाहते थे, उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
भारत-पाक व्यापार को लगा बड़ा झटका
पंजाब के अमृतसर से महज 28 किलोमीटर दूर स्थित अटारी ICP, भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापार का एकमात्र वैध जमीनी मार्ग है। यह पोर्ट 120 एकड़ में फैला है और अफगानिस्तान से भी व्यापारिक माल इसी मार्ग के जरिए आता है।








