राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार

  • सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की टिप्पणी को बताया “वीरों का अपमान”
  • कोर्ट ने कहा: अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की भी एक सीमा होती है
  • वीर सावरकर पर दिए बयान को गैर-जिम्मेदाराना करार

लखनऊ। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से वीर सावरकर को लेकर दिए गए विवादित बयान पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने टिप्पणी को स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान बताया और राहुल को भविष्य में संयमित भाषा इस्तेमाल करने की नसीहत दी है। कोर्ट ने फिलहाल लखनऊ कोर्ट में चल रही आपराधिक मानहानि की कार्रवाई पर रोक लगा दी, लेकिन राहुल गांधी को कड़ी चेतावनी भी दी है।

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की पीठ के समक्ष जब राहुल गांधी के वीर सावरकर पर दिए बयान से संबंधित मानहानि मामले पर सुनवाई शुरू हुई, तो कोर्ट का रुख काफी सख्त नजर आया। पीठ ने स्पष्ट किया कि बोलने की आज़ादी असीमित नहीं है और स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में मर्यादा बरतनी चाहिए।

जस्टिस दत्ता ने कहा कि क्या राहुल गांधी को इतिहास की पूरी समझ है? उन्होंने महात्मा गांधी के वायसराय को लिखे पत्रों का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया और याद दिलाया कि इंदिरा गांधी के शासनकाल में खुद उन्होंने सावरकर की सराहना की थी।

महाराष्ट्र में दिए गए बयान में राहुल गांधी ने सावरकर को “अंग्रेजों का नौकर” बताया था। इसे लेकर लखनऊ की अदालत में शिकायतकर्ता नृपेंद्र पांडेय द्वारा मामला दर्ज कराया गया, जिसमें राहुल को फरवरी में समन भी जारी हुआ था।

सुनवाई के दौरान जब राहुल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अपना पक्ष रखना चाहा, तो कोर्ट ने दो टूक कहा कि अगर भविष्य में इस तरह की टिप्पणी दोबारा हुई, तो अदालत स्वतः संज्ञान लेगी।

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