बाढ़ राहत के लिए जिले ने तैयार की नई रणनीति – क्या होंगे असर?

  • जिले में बाढ़ से निपटने के लिए सटीक रणनीतियां तय
  • प्रभावित क्षेत्रों में विशेष उपायों की योजना
  • बाढ़ पूर्व प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल का आयोजन

अम्बेडकरनगर।  जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए कलक्ट्रेट सभागार में जनपदीय बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक हुई। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सभी विभागों को बाढ़ पूर्व तैयारियों को तुरंत पूरा करने के निर्देश दिए गए।

अति संवेदनशील गांवों पर विशेष ध्यान

अपर जिलाधिकारी (वि/रा) डॉ. सदानंद गुप्ता ने बताया कि सरयू नदी से प्रभावित टांडा व आलापुर तहसील के 23 गांवों में माझा कम्हरिया आराजी देवारा, माझा उल्टहवा, करमपुर बरसावा व औसानपुर को अति संवेदनशील चिह्नित किया गया है। इन क्षेत्रों में कटानरोधी उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

राहत व बचाव की तैयारियां

  • जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ समन्वय कर खोज, राहत, बचाव व पुनर्वास से जुड़े प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल व राहत चौपाल आयोजित की जाएंगी।

  • नाव, नाविक व गोताखोरों की सूची तैयार करने के साथ ही बाढ़ चौकी व शरणालयों का चिन्हांकन किया जाएगा।

  • पुलिस विभाग को PAC, बाढ़ वाहिनी व SDRF की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

पशुओं व स्वास्थ्य व्यवस्था

  • मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को गौवंशों का टीकाकरण, चारा व पेयजल की व्यवस्था करने के साथ ही ऊंचे स्थानों पर आश्रय उपलब्ध कराने को कहा गया।

  • स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर गर्भवती महिलाओं व बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जल निकासी व बुनियादी ढांचा

  • नगर पालिका अकबरपुर व टांडा को शहरी क्षेत्रों में नालों की सफाई मई तक पूरी करने के निर्देश दिए गए।

  • सिंचाई विभाग को संवेदनशील गांवों का स्थल निरीक्षण कर अग्रिम रोकथाम कार्य शुरू करने को कहा गया।

  • विद्युत विभाग को ट्रांसफॉर्मर मरम्मत व बिजली आपूर्ति बनाए रखने की तैयारी करने को कहा गया।

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