- हाईकोर्ट की सख्ती- सरकार को देना होगा जवाब, अगली सुनवाई 28 मई को
- सोशल मीडिया पर उड़ रही ‘सुपारी’ की खबरें, सांसद की जान पर मंडरा रहा खतरा
- करणी सेना का खुला ऐलान, राणा सांगा पर टिप्पणी के बाद सांसद निशाने पर
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन पर बढ़ते हमलों और धमकियों के मामले में अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। बुधवार को कोर्ट ने यूपी सरकार और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 28 मई को होगी। सांसद के वकील इमरान उल्लाह ने कोर्ट में कहा कि उनके मुवक्किल की जान को खतरा है और राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।
खुलेआम दी जा रही हैं धमकियां, सरकार मौन
कोर्ट में पेश दलीलों के दौरान सुमन के एडवोकेट ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया पर जीभ काटने के लिए एक करोड़ की सुपारी दी गई है। कई संगठनों ने खुली धमकियां दी हैं, लेकिन राज्य सरकार अब तक मूकदर्शक बनी हुई है। वकील ने यह भी आरोप लगाया कि इन संगठनों को सरकार का संरक्षण प्राप्त है।
100 से अधिक लोग लेकर किया घर पर हमला
सांसद के घर पर भीड़ द्वारा किए गए हमले का हवाला देते हुए वकील ने बताया कि 100 से अधिक लोग बुलडोजर के साथ घर पहुंचे थे। हालांकि एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज समाप्त हो चुका है।
सांसद को दोहरी सुरक्षा देने की मांग
कोर्ट में सुनवाई के दौरान यह भी कहा गया कि रामजी लाल सुमन की सुरक्षा तत्काल सुनिश्चित की जानी चाहिए। राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने सांसद को दोहरी सुरक्षा देने की सिफारिश की है।
सपा सांसद के काफिले पर दो बार हमले
हाल ही में रामजी लाल सुमन के काफिले पर अलीगढ़ में दो बार हमले हुए। पहले खेरेश्वर चौराहे पर नारेबाजी के बाद काफिले की गाड़ियां आपस में टकराईं, जिसमें 6-7 लोग घायल हो गए। फिर गभाना टोल प्लाजा के पास क्षत्रिय समाज के युवकों ने टायर और पत्थर फेंके।








