
- हाईकोर्ट से लौटते समय हुआ हादसा, दो की मौके पर मौत
- अज्ञात वाहन बना दुर्घटना की वजह, पुलिस कर रही जांच
- एम्स में भर्ती रूपा की हालत गंभीर, परिवार में मचा कोहराम
मेरठ/रायबरेली। उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के लिए एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मेरठ के लालकुर्ती थाने की तोपखाना चौकी के इंचार्ज दरोगा प्रदीप कुमार का बुधवार तड़के रायबरेली में हुए सड़क हादसे में निधन हो गया। हादसा इतना भीषण था कि प्रदीप कुमार के साथ उनकी पत्नी रूपा और साले अभय कुमार भी घायल हो गए। इलाज के दौरान अभय कुमार की भी मौत हो गई, जबकि दरोगा की पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें रायबरेली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया है।
सुबह 5 बजे हुआ भीषण हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसा बुधवार सुबह करीब 5 बजे लखनऊ-प्रयागराज मार्ग पर रायबरेली के जगतपुर थाना क्षेत्र स्थित जिगना गांव के पास हुआ। दरोगा प्रदीप कुमार अपनी पत्नी रूपा और साले अभय कुमार के साथ प्रयागराज से मेरठ लौट रहे थे, तभी उनकी कार को एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और मौके पर ही प्रदीप और अभय की मौत हो गई।
हाईकोर्ट से लौट रहे थे तीनों
बताया जा रहा है कि दरोगा प्रदीप कुमार 27 अप्रैल को प्रयागराज हाईकोर्ट में एक कानूनी मामले की तारीख पर गए थे। वहां उनकी ससुराल भी है। बुधवार को वे वापस मेरठ लौट रहे थे।
जीजा-साले की मौके पर मौत, पत्नी गंभीर
हादसे में दरोगा प्रदीप कुमार (उम्र 36 वर्ष) पुत्र स्व. ओमप्रकाश, मूल निवासी दोहा गांव, एत्मादपुर (आगरा) और उनके साले आरक्षी अभय कुमार निवासी प्रयागराज, की मौके पर ही मौत हो गई। रूपा, जो दरोगा प्रदीप कुमार की पत्नी हैं और आगरा की ही रहने वाली हैं, गंभीर रूप से घायल हो गईं। रूपा भी महिला आरक्षी हैं और रायबरेली एम्स में उनका इलाज जारी है।
मेरठ में शोक की लहर
दरोगा प्रदीप कुमार लंबे समय से मेरठ में ड्यूटी पर तैनात थे। पहले वे सरधना क्षेत्र की सलावा चौकी पर लगभग 10 महीने तक इंचार्ज रहे, इसके बाद पिछले आठ महीनों से लालकुर्ती थाने के अंतर्गत तोपखाना चौकी के प्रभारी के रूप में सेवाएं दे रहे थे। उनके आकस्मिक निधन की खबर मिलते ही मेरठ पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है।
अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे को अंजाम देने वाला वाहन और उसका चालक मौके से फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के आधार पर पुलिस वाहन की पहचान करने में जुटी है।








