- अडाणी पोर्ट्स के तिमाही नतीजों में शानदार उछाल, निवेशकों को मिला डिविडेंड का तोहफा
- चौथी तिमाही में कंपनी की कमाई और मुनाफे में जबरदस्त ग्रोथ
- अडाणी पोर्ट्स का शुद्ध मुनाफा ₹3,014 करोड़, सालाना आधार पर 47% की छलांग
मुंबई। अडाणी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) ने वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2025) में ज़बरदस्त नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में ₹8,770 करोड़ की कुल कमाई दर्ज की है, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹7,200 करोड़ की तुलना में 21.81% ज्यादा है।
3,014 करोड़ का शुद्ध मुनाफा, सालाना आधार पर 47.74% की बढ़त
खर्चों को घटाने के बाद कंपनी को ₹3,014 करोड़ का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट हुआ है, जो पिछले साल की तुलना में 47.74% अधिक है। पिछली तिमाही यानी अक्टूबर-दिसंबर 2024 के मुकाबले यह मुनाफा 20% की बढ़त दर्शाता है।
₹8,488 करोड़ का रेवेन्यू, 6.58% की वृद्धि
कंपनी ने चौथी तिमाही में संचालन और प्रोडक्ट/सर्विस की बिक्री से ₹8,488 करोड़ का रेवेन्यू जनरेट किया, जो कि सालाना आधार पर 6.58% अधिक है। पिछली बार यह ₹7,964 करोड़ रहा था।
निवेशकों को बड़ा तोहफा: ₹7 प्रति शेयर डिविडेंड
अडाणी पोर्ट्स ने तिमाही नतीजों के साथ अपने निवेशकों को खुशखबरी देते हुए ₹7 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान किया है। लाभांश कंपनी द्वारा अपने मुनाफे का एक हिस्सा शेयरधारकों को बांटने का तरीका होता है।
2026 तक ₹22,000 करोड़ ऑपरेटिंग प्रॉफिट का लक्ष्य
कंपनी ने बयान में कहा कि वह मौजूदा वित्त वर्ष 2026 में ₹21,000 से ₹22,000 करोड़ के बीच ऑपरेटिंग प्रॉफिट का अनुमान रखती है, जो इस वक्त के ₹11,000 करोड़ से अधिक के मुनाफे से काफी ज्यादा है।
कार्गो वॉल्यूम में 8% की बढ़ोतरी
जनवरी-मार्च 2025 की तिमाही में अडाणी पोर्ट्स का कार्गो वॉल्यूम 8% बढ़कर 118 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) हो गया। वहीं, पूरे FY24 में कंपनी ने 24% की सालाना वृद्धि के साथ 420 MMT कार्गो हैंडल किया, जो अब तक का रिकॉर्ड है।
शेयर प्रदर्शन: एक साल में 9.19% गिरा
नतीजों की घोषणा 1 मई को की गई, जिस दिन बाजार बंद था। 30 अप्रैल को अडाणी पोर्ट्स का शेयर ₹1216 पर बंद हुआ। एक महीने में इसमें 3.49% की बढ़त देखी गई, जबकि छह महीनों में 9.89% गिरावट रही। एक साल में यह 9.19% नीचे और 2025 की शुरुआत से अब तक 0.24% गिरा है।
कंपनी का मार्केट कैप ₹2.63 लाख करोड़ है।
देश का सबसे बड़ा प्राइवेट पोर्ट ऑपरेटर
अडाणी पोर्ट्स भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट पोर्ट ऑपरेटर है। इसके पास 13 पोर्ट्स और टर्मिनल्स हैं, जो देश की कुल पोर्ट क्षमता का करीब 24% प्रतिनिधित्व करते हैं। इसकी कुल हैंडलिंग क्षमता 580 MMTPA से ज्यादा है। पहले इसका नाम गुजरात अडाणी पोर्ट्स लिमिटेड था।
1998 में शुरू हुई थी अडाणी पोर्ट्स
कंपनी की स्थापना गौतम अडाणी ने 1998 में की थी। फिलहाल उनके बेटे करण अडाणी कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और अश्विनी गुप्ता इसके CEO हैं। कंपनी में 1900 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। इसकी सहायक कंपनी अडाणी लॉजिस्टिक्स लिमिटेड लॉजिस्टिक्स सेवाएं प्रदान करती है।








