
- अमेरिकी बाजार में बिकने वाले 50% आईफोन अब भारत में बन रहे हैं
- टिम कुक बोले- भारत जल्द बनेगा “कंट्री ऑफ ओरिजिन”
- एयरपॉड्स और एपल वॉच का निर्माण वियतनाम में
मुंबई। टिम कुक के मुताबिक, कंपनी ने अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध के कारण अपनी उत्पादन नीति में बड़ा बदलाव किया है। चीन में ज्यादा टैरिफ की वजह से Apple ने भारत और वियतनाम को अपनी सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बना लिया है। भारत में कंपनी को सिर्फ 10% टैक्स देना होता है, जो चीन के मुकाबले काफी कम है।
मार्च 2024 से मार्च 2025 तक के बीच भारत में आईफोन निर्माण 60% बढ़ा है। इस दौरान ₹1.88 लाख करोड़ के iPhones भारत में बनाए गए और ₹1.49 लाख करोड़ के एक्सपोर्ट हुए। फॉक्सकॉन, टाटा और पेगाट्रॉन इस निर्माण में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
IDC के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में ग्लोबल आईफोन शिपमेंट में चीन का हिस्सा 28% था। लेकिन Apple अब चीन पर निर्भरता घटाकर भारत में प्रोडक्शन बढ़ा रहा है।
विस्तार से देखें – क्यों बढ़ा भारत पर Apple का फोकस:
सप्लाई चेन डायवर्सिफिकेशन: ट्रेड वॉर और लॉकडाउन के बाद चीन पर निर्भरता कम करने की नीति
कॉस्ट एडवांटेज: भारत में सस्ती लेबर और कम इंपोर्ट टैक्स
गवर्नमेंट इंसेंटिव: PLI और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी योजनाओं से फायदा
बढ़ता बाजार: भारत में iPhone अब भी लग्जरी, लेकिन मांग तेज़ी से बढ़ रही
एक्सपोर्ट अपॉर्च्युनिटी: भारत से 70% iPhones एक्सपोर्ट होते हैं
स्किल्ड वर्कफोर्स: फॉक्सकॉन जैसे प्लेयर्स प्रशिक्षण देकर स्किल बढ़ा रहे हैं








