- SEBI द्वारा ओला इलेक्ट्रिक के खिलाफ इनसाइडर ट्रेडिंग जांच की शुरुआत
- ओला इलेक्ट्रिक की सेल्स रिपोर्ट में गड़बड़ी का खुलासा
- केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने ओला को शो-कॉज नोटिस जारी किया
नई दिल्ली। भारतीय इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माता ओला इलेक्ट्रिक के खिलाफ बाजार नियामक SEBI ने इनसाइडर ट्रेडिंग और रिलेटेड पार्टी डील्स के उल्लंघन की जांच शुरू कर दी है। यह जांच उस समय शुरू की गई है जब कंपनी पर फरवरी 2025 की सेल्स रिपोर्ट में गड़बड़ी का आरोप लग चुका है।
SEBI की जांच की वजह:
ओला इलेक्ट्रिक ने दावा किया था कि उसने फरवरी 2025 में 25,000 इलेक्ट्रिक व्हीकल्स बेचे थे और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में 28% हिस्सेदारी हासिल की थी। हालांकि, सरकारी वेबसाइट VAHAN पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार, ओला के केवल 8,600 वाहन फरवरी में रजिस्टर हुए थे। इस अंतर के कारण SEBI ने मामले की जांच शुरू की है।
केंद्रीय परिवहन मंत्रालय की भी कार्रवाई:
इससे पहले, केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने 25 अप्रैल को ओला को एक शो-कॉज नोटिस जारी किया था। मंत्रालय ने कंपनी से कई अहम सवालों के जवाब मांगे थे, जिनमें सेल्स और सर्विस सेंटर के आंकड़े, फरवरी में बेची गई इलेक्ट्रिक स्कूटरों की जानकारी और अनरजिस्टर्ड वाहनों के बारे में पूछताछ शामिल थी।
महाराष्ट्र में ओला के स्टोर्स पर कार्रवाई:
महाराष्ट्र में ट्रांसपोर्ट विभाग ने ओला के 121 स्टोर्स पर कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद करने के निर्देश दिए थे। इन स्टोर्स पर ट्रेड सर्टिफिकेट नहीं थे, जिसके कारण 192 वाहनों को जब्त किया गया था। इसके अलावा, ओला के स्टोर्स पर देशभर में RTO द्वारा कई बार रेड की गई है, जिसमें 50 से ज्यादा गाड़ियां जब्त की जा चुकी हैं।








