- एससी/एसटी विशेष न्यायालय का अहम फैसला
- कांग्रेस सेवादल के पूर्व जिलाध्यक्ष को आजीवन कारावास
- पीड़िता की न्यायालय में गवाही और साक्ष्य
अम्बेडकरनगर। एससी/एसटी विशेष न्यायालय ने एक चौंकाने वाले मामले में कांग्रेस सेवादल के पूर्व जिलाध्यक्ष अच्छन खान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। खान पर एक दलित महिला के साथ जबरन दुराचार, जातिसूचक गाली-गलौज और हत्या की धमकी देने के गंभीर आरोप साबित हुए। साथ ही, अदालत ने उन पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
क्या हुआ था?
- 2018 में अकबरपुर के कांशीराम आवास योजना परिसर में आरोपी ने पीड़िता के साथ दुराचार किया। शिकायत के बावजूद पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया।
- 2020 में बसखारी क्षेत्र में खान ने फिर उसी महिला को निशाना बनाया, जातिगत गालियाँ दीं और “तुझे मार डालूँगा” की धमकी दी।
- पीड़िता ने थाने की निष्क्रियता से तंग आकर कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। 2021 में विशेष न्यायालय ने धारा 156(3) के तहत केस दर्ज करने का आदेश दिया।
न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला
विशेष लोक अभियोजक सुदीप मिश्रा ने ठोस सबूतों और गवाहों के ज़रिए आरोपी का अपराध साबित किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम विलास सिंह ने फैसला सुनाते हुए अच्छन खान को:
- एससी/एसटी एक्ट के तहत आजीवन कारावास
- दुराचार के लिए 10 साल की सजा
- धमकी देने पर 2 साल की अतिरिक्त सजा
राजनीतिक पृष्ठभूमि
अच्छन खान को 2019 में ही कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया था। हालाँकि, यह मामला दलित महिलाओं के प्रति हिंसा और सामाजिक न्याय का प्रतीक बन गया।
समाज के लिए संदेश
यह फैसला एससी/एसटी अधिनियम की ताकत और न्यायिक सक्रियता का उदाहरण है, जहाँ एक आम महिला ने सिस्टम की लचरता के खिलाफ संघर्ष कर इंसाफ हासिल किया। “यह फैसला दलित समुदाय के प्रति होने वाले अत्याचारों के खिलाफ एक सख्त चेतावनी है।” — विशेष लोक अभियोजक सुदीप मिश्रा








