
- गांवों में तकनीकी सशक्तिकरण की ओर बड़ा कदम
- अब डिजिटल सेवाएं पहुंचेंगी हर ग्रामीण दरवाज़े तक
- सीएससी से मिलेगा ग्रामीण युवाओं को रोज़गार और प्रशिक्षण
अंबेडकरनगर। ग्रामीण भारत के लिए विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। डिजिटल इंडिया के तहत जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में अत्याधुनिक ‘कॉमन सर्विस सेंटर’ (CSC) स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग, चिकित्सा, शिक्षा, कृषि, आधार, केवाईसी, पैन-पासपोर्ट सहित कई आवश्यक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
ग्रामवासियों को अब आधार कार्ड बनवाने, केवाईसी अपडेट कराने, टेलीमेडिसिन के माध्यम से डॉक्टरी सलाह लेने या सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। ये सुविधाएं अब उनके गांव में ही सुलभ होंगी।
सीएससी के माध्यम से अत्याधुनिक मॉडल केंद्रों का ट्रायल गोरखपुर और पीलीभीत में शुरू किया गया है। इन स्थानों से प्राप्त अनुभवों के आधार पर सुधार कर अब यह मॉडल पूरे उत्तर प्रदेश में, विशेषकर अंबेडकरनगर जनपद में भी लागू किया जा रहा है।
जिला पंचायतराज अधिकारी अवनीश श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार इस महत्वाकांक्षी योजना को ज़मीन पर उतारने में पूर्ण सहयोग दे रही है। उन्होंने कहा, “सीएससी केंद्रों से गांवों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया गया है। इससे ग्रामीणों का समय और संसाधनों की बचत होगी।”
क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी सीएससी केंद्रों पर:
- आधार कार्ड बनवाने और केवाईसी अपडेट की सुविधा
- बैंकिंग सेवाएं और डिजिटल लेनदेन
- पैन कार्ड और पासपोर्ट के लिए आवेदन
- जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की सुविधा
- टेलीमेडिसिन के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह
- सरकारी योजनाओं का प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम








