- परमेश्वरन अय्यर की IMF बोर्ड में अस्थायी नियुक्ति
- पाकिस्तान को लोन पर भारत की आपत्ति और पुनर्विचार की मांग
- IMF के कार्यकारी बोर्ड का महत्व और भारत का प्रतिनिधित्व
नई दिल्ली। भारत ने इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के बोर्ड में परमेश्वरन अय्यर को अस्थायी डायरेक्टर के रूप में नामित किया है। अय्यर 9 मई को होने वाली IMF की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस बैठक में पाकिस्तान को क्लाइमेट रेजिलिएंस लोन प्रोग्राम के तहत 1.3 बिलियन डॉलर (करीब ₹11,000 करोड़) का नया लोन देने पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही पाकिस्तान के लिए जारी 7 अरब डॉलर के राहत पैकेज की पहली समीक्षा भी होनी है।
IMF के बोर्ड की भूमिका और भारत का प्रतिनिधित्व
IMF, जो देशों को आर्थिक सहायता और नीतिगत सलाह देती है, का कार्यकारी बोर्ड महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए जिम्मेदार होता है। इस बोर्ड में 24 सदस्य होते हैं, जिनमें से प्रत्येक सदस्य किसी देश या देशों के समूह का प्रतिनिधित्व करता है। भारत का एक स्वतंत्र प्रतिनिधि होता है जो IMF में देश के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करता है और यह सुनिश्चित करता है कि IMF की नीतियां भारत के लिए उपयुक्त रहें।
कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन का इस्तीफा और नए नियुक्ति की प्रक्रिया
अगस्त 2022 में IMF बोर्ड में कार्यकारी निदेशक के रूप में नियुक्त किए गए कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन को उनके तीन साल के कार्यकाल के खत्म होने से छह महीने पहले 30 अप्रैल 2025 को हटा दिया गया। सुब्रमण्यन की हटाए जाने की वजह के रूप में IMF के डेटासेट और रेटिंग प्रणाली पर उठाए गए सवाल, और उनकी पुस्तक India @ 100 के प्रचार में पद के दुरुपयोग की चिंताएं बताई जा रही हैं।








