क्या आप जानते हैं पेट्रोल में अब केरोसीन नहीं, सॉल्वेंट मिलाया जा रहा है?

  • ग्रामीण इलाकों में था मिलावटी तेल का सबसे बड़ा बाजार
  • सस्ते सॉल्वेंट से तिगुना मुनाफा कमाने की साजिश
  • टैंकर चालकों की मिलीभगत से चलता था धंधा

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के नादरगंज इलाके में तेल तस्करी और मिलावटखोरी का बड़ा मामला सामने आया है। पेट्रोल और डीजल में पेंट फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाला खतरनाक सॉल्वेंट मिलाकर बेचने वाले एक गिरोह का सरोजनी नगर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह के सदस्य ऑयल डिपो के टैंकर चालकों की मदद से सील तोड़कर तेल चोरी करते और उसमें सॉल्वेंट मिलाकर ग्रामीण इलाकों में बेचते थे।

गिरोह के पांच सदस्य गिरफ्तार, कई उपकरण बरामद
पुलिस, आबकारी और खाद्य एवं रसद विभाग की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के सरगना समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 7400 लीटर सॉल्वेंट से भरे 38 ड्रम, एक पेट्रोल से भरा 20 हजार लीटर का टैंकर, एक कार, पाइप और तेल निकालने की मशीन बरामद की गई। गिरफ्तार आरोपियों में अजय यादव, ओमप्रकाश यादव, अरुण कुमार, जगदीप प्रजापति और मिराजुद्दीन शामिल हैं। सभी को मंगलवार को जेल भेज दिया गया।

65 रुपये लीटर में बेचते थे मिलावटी पेट्रोल-डीजल
पुलिस के अनुसार, गिरोह यह मिलावटी पेट्रोल और डीजल 65 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचता था। काकोरी, मोहम्मदा, चौकोली, बेहटा और समदा गांवों में इनका मुख्य बाजार था। वहीं, स्थानीय स्तर पर पेट्रोल 85 रुपये और डीजल 75 रुपये लीटर में बेचा जाता था।

तेल की चोरी बेहद योजनाबद्ध ढंग से होती थी
इंस्पेक्टर राजदेव प्रजापति ने बताया कि आरोपी ऑयल डिपो से निकलने के बाद टैंकर को सीधे गंतव्य पर नहीं ले जाते थे।

Back to top button