अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू- पहली बार दिखा 7 फीट ऊंचा हिम शिवलिंग

  • अब तक 3.5 लाख श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण
  • पहलगाम और बालटाल रूट से पहुँच सकते हैं गुफा तक
  • उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पंथा चौक कैंप का निरीक्षण किया

श्रीनगर। अमरनाथ यात्रा 2025 से पहले बाबा बर्फानी के शिवलिंग की पहली झलक सामने आ गई है। इस बार गुफा के भीतर बना बर्फ का शिवलिंग करीब 7 फीट ऊंचा है, जिसे देखने के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु उमड़ने वाले हैं। पवित्र अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगी। इस दौरान कुल 38 दिन यात्रा चलेगी और अंतिम दिन रक्षाबंधन के मौके पर छड़ी मुबारक के साथ यात्रा का समापन होगा।

अब तक 3.50 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं रजिस्ट्रेशन

इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया जोर-शोर से चल रही है। अब तक करीब 3.50 लाख श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से एडवांस पंजीकरण कराया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 20% अधिक है। रजिस्ट्रेशन के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाना अनिवार्य है। यात्रा में भाग लेने की आयु सीमा 13 से 70 वर्ष के बीच तय की गई है।

सुरक्षा कड़ी, स्थानीय सेवकों की भी हो रही है पहचान-पुष्टि

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा के मद्देनज़र इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। टट्टू वालों और सेवादारों की पहचान की पुष्टि (ID Verification) के बाद ही उन्हें सेवा की अनुमति दी जा रही है। सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और प्रत्येक बेस कैंप पर कड़ी निगरानी की जा रही है।

यात्रा की तैयारी और व्यवस्था का LG ने लिया जायजा

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर के पंथा चौक ट्रांजिट कैंप का दौरा किया और यात्रा की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाएं, 13 साल से कम उम्र के बच्चे, और 70 साल से अधिक आयु के लोग यात्रा नहीं कर पाएंगे, चाहे उनके पास मेडिकल सर्टिफिकेट ही क्यों न हो।

यात्रा के दो प्रमुख रूट: पहलगाम और बालटाल

  1. पहलगाम रूट:
    यह रास्ता तुलनात्मक रूप से आसान है और यात्रा में 3 दिन लगते हैं। रास्ते में चंदनवाड़ी, पिस्सू टॉप, शेषनाग और पंचतरणी जैसे प्रमुख पड़ाव आते हैं।

  2. बालटाल रूट:
    यह मार्ग छोटा (14 किमी) जरूर है लेकिन कठिन है। इसमें एक दिन में यात्रा पूरी की जा सकती है, लेकिन रास्ता खतरनाक और बुजुर्गों के लिए चुनौतीपूर्ण है।

यात्रा के दौरान जरूरी सावधानियां

  • मेडिकल सर्टिफिकेट और आधार कार्ड अनिवार्य

  • RFID कार्ड और ट्रैवल एप्लिकेशन फॉर्म साथ रखें

  • हर दिन 4-5 किमी पैदल चलने का अभ्यास करें

  • ऊनी कपड़े, रेनकोट, पानी की बोतल, दवाएं और ट्रैकिंग स्टिक साथ रखें

  • प्राणायाम व श्वसन संबंधी व्यायाम करें

अमरनाथ शिवलिंग: एक प्राकृतिक चमत्कार

अमरनाथ गुफा समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां बनने वाला हिमलिंग पूरी तरह से प्राकृतिक रूप से बर्फ के जमने से बनता है। गुफा की छत से गिरता पानी जमकर शिवलिंग का रूप लेता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसे स्टेलैग्माइट कहते हैं।

2024 में 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए थे दर्शन

2024 में अमरनाथ यात्रा 52 दिनों तक चली थी जिसमें 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे। 2023 में 4.5 लाख, और 2022 में 3 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। 2012 में 6.35 लाख तीर्थयात्रियों का रिकॉर्ड बना था।

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