- पिक एंड चूज की व्यवस्था खत्म, पारदर्शी प्रक्रिया पर जोर
- 17 जिलों में स्मार्ट मल्टीलेवल पार्किंग की मंजूरी
- पीपीपी मोड पर सभी जिलों में निजी बस स्टैंड बनेंगे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 11 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी। इस बैठक में ट्रांसफर पॉलिसी को हरी झंडी दी गई, जिसके तहत 15 मई से 15 जून तक तबादलों की प्रक्रिया चलेगी। इसके अलावा, अडानी पावर को नया पावर प्लांट विकसित करने के लिए DBFOO मॉडल पर टेंडर मिला है, जबकि प्रदेश के 17 नगर निगम क्षेत्रों में पीपीपी मोड पर मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण की भी योजना को स्वीकृति दी गई है।
15 जून तक पूरे होंगे ट्रांसफर, खत्म होगी ‘पिक एंड चूज’ व्यवस्था
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, ट्रांसफर पॉलिसी में पिक एंड चूज की सुविधा इस बार भी समाप्त रखी गई है। यानी कोई कर्मचारी अपनी पसंद की जगह ट्रांसफर नहीं करा सकेगा।
-
जिले में 3 साल और मंडल में 7 साल से तैनात कर्मचारियों को ट्रांसफर कैटेगरी में रखा जाएगा।
-
समूह क और ख के 20% और समूह ग व घ के 10% कर्मचारियों का तबादला किया जा सकता है।
-
तय सीमा से अधिक तबादलों के लिए मंत्री की अनुमति जरूरी होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि ट्रांसफर पॉलिसी का पूरी पारदर्शिता से पालन हो और राज्य मंत्रियों को इस प्रक्रिया में सम्मानजनक रूप से शामिल किया जाए।
17 जिलों में मल्टीलेवल पार्किंग, निजी जमीन भी किराए पर ली जा सकेगी
शहरी क्षेत्रों में पार्किंग की समस्या को देखते हुए सरकार ने 17 नगर निगम क्षेत्रों में स्मार्ट मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण की मंजूरी दी है।
-
पार्किंग पीपीपी मोड पर बनाई जाएगी।
-
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग की व्यवस्था अनिवार्य होगी।
-
पार्किंग नगर निगम की जमीन पर होगी, लेकिन निजी व्यक्ति भी अपनी जमीन किराए या लीज पर दे सकेंगे।
-
पार्किंग प्रबंधन के लिए अलग समिति बनाई जाएगी।








