
- विवादित बयान ने सोशल मीडिया पर मचाया तूफान, उठी बहिष्कार की मांग
- आजाद समाज पार्टी का सख्त रुख, मांग की सख्त कार्रवाई की
- मनुस्मृति की बात कर घिरे शर्मा चाय वाले, विरोधियों ने लिया घेराव
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित प्रसिद्ध “शर्मा चाय” के दुकानदार द्वारा मनुस्मृति को संविधान से ऊपर बताने वाले बयान के विरोध में मंगलवार को आजाद समाज पार्टी (आसपा) ने जोरदार प्रदर्शन किया। भारी संख्या में पहुंचे पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए दुकानदार से सार्वजनिक माफी की मांग की, जिसके बाद उन्होंने हाथ जोड़कर संविधान को सर्वोच्च बताते हुए माफी मांगी।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आसपा के प्रदेश सचिव अनिकेत धानुक ने कहा कि “जो लोग संविधान का विरोध करते हैं, वे असल में देश का विरोध करते हैं। यह देश संविधान से चलता है और चलेगा। हर भारतीय नागरिक को संविधान का सम्मान करना होगा।”
विवादित बयान के बाद सोशल मीडिया पर विरोध की लहर
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था, जिसमें शर्मा चाय के संचालक मनुस्मृति को संविधान से ऊपर बताते नजर आ रहे थे। वीडियो में उन्होंने कहा था, “हम पहले मनुस्मृति को मानते हैं, संविधान बाद में है।” इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर चाय दुकान के बहिष्कार की मुहिम तेज हो गई थी।
वायरल वीडियो को लेकर उपजा जनाक्रोश देखते हुए आजाद समाज पार्टी ने विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों के दबाव के बाद दुकानदार ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा – “हम लोग संविधान मानते हैं। संविधान से बड़ा कुछ नहीं है।”
दुकान में लगी डॉ. अंबेडकर की तस्वीर
प्रदर्शन के बाद स्थिति को सामान्य करने और संविधान के प्रति सम्मान जताने के उद्देश्य से शर्मा चाय वाले की दुकान में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगाई गई।








