क्या ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर लखनऊ की ट्रैफिक समस्या का समाधान बनेगा?

  • फेज-2 को बजट मंजूरी की राह में मिली बड़ी सफलता
  • चारबाग से वसंत कुंज तक अब मेट्रो सफर होगा आसान
  • भीड़भाड़ वाले पुराने शहर को मिलेगा मेट्रो से सीधा कनेक्शन

लखनऊ। लखनऊ मेट्रो रेल के दूसरे चरण (फेज-2) के तहत ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर परियोजना को मंजूरी मिलने का इंतजार अब जल्द खत्म हो सकता है। पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) की सहमति के बाद अब केंद्रीय कैबिनेट से बजट स्वीकृति का रास्ता साफ हो रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इसी महीने कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पास होने और 10 दिनों के भीतर निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।

PIB और कैबिनेट की मंजूरी बाकी

ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (NPG) से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। UPMRC (उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में इसी महीने PIB की बैठक होनी है, जहां इस परियोजना पर अंतिम चर्चा होगी। उम्मीद है कि PIB की हरी झंडी मिलते ही कैबिनेट से भी स्वीकृति मिल जाएगी।

11.165 किमी लंबा होगा नया कॉरिडोर

  • रूट: चारबाग से वसंतकुंज तक (ब्लू लाइन)

  • कुल लंबाई: 11.165 किमी (6.879 किमी भूमिगत, 4.286 किमी एलिवेटेड)

  • स्टेशन: कुल 12 (7 अंडरग्राउंड, 5 एलिवेटेड)

  • मुख्य कनेक्टिविटी: अमीनाबाद, पांडेयगंज, मेडिकल कॉलेज, चौक जैसे व्यस्त इलाके

  • बजट: लगभग 5,801 करोड़ रुपये

  • लक्ष्य: 23 जून 2026 तक निर्माण पूरा

थर्ड रेल सिस्टम से बचेगी परेशानी

पहले चरण में ओवरहेड वायर के कारण पतंगबाजी और अन्य दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। इसलिए फेज-2 में थर्ड रेल सिस्टम अपनाया जाएगा, जिसमें ट्रेन के बगल में बिजली की पटरी लगेगी। इससे बिजली आपूर्ति में रुकावट की समस्या खत्म होगी।

यातायात और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

UPMRC के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि यह परियोजना लखनऊ की शहरी आबादी के लिए गेम-चेंजर साबित होगी। चौक और अमीनाबाद जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों से मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ने से यातायात और आर्थिक गतिविधियों को फायदा मिलेगा।

अब सिर्फ केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है, जिसके बाद निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो जाएगा।

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