- भीटी तहसील के लोहझरा गांव को जोड़ने वाला पुल वर्षों से जर्जर
- पुल पर नहीं है रेलिंग, सीमेंटेड पाइपों से हो रहा है आवागमन
- बरसात में जलस्तर बढ़ने पर जोखिम और बढ़ जाता है
अंबेडकरनगर। भीटी तहसील क्षेत्र के लोहझरा गांव को नाऊपुर वाध और ब्रह्मा बाबा मार्ग से जोड़ने वाला पुल वर्षों से जर्जर हालत में है। इस पुल पर न तो कोई रेलिंग है और न ही सुरक्षा के लिए किनारे कोई सहारा। पूरी तरह खुला यह पुल ग्रामीणों के लिए जोखिम का प्रतीक बन गया है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दुपहिया चालकों को हर दिन जान जोखिम में डालकर इसी मार्ग से आना-जाना करना पड़ता है।
सीमेंटेड पाइप ही बना रास्ता
जिस स्थान पर पुल होना चाहिए, वहां केवल सीमेंटेड पाइपों की पंक्तियां बिछी हैं। यही पाइप आज आवागमन का एकमात्र जरिया बने हुए हैं। बरसात के दिनों में जब जलस्तर बढ़ता है, तब इन पाइपों से होकर गुजरना और भी खतरनाक हो जाता है।
स्थानीय लोगों ने जताई चिंता
ग्रामीण सुरेश प्रजापति, अमरजीत वर्मा, देवेंद्र सिंह, मनीष वर्मा और जितेंद्र कुमार सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि यह मार्ग रोजमर्रा के आवागमन के लिए अत्यंत आवश्यक है। स्कूल जाने वाले बच्चे, खेतों में काम पर जाने वाले किसान और स्थानीय वाहन चालक इसी मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन पुल की खराब हालत के चलते हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है।
निर्माण का प्रस्ताव फाइलों में ही बंद
ग्रामीणों ने बताया कि विधान परिषद सदस्य हरिओम पांडेय ने चुनाव से पहले इस मार्ग और पुल के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा था। लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी न तो निर्माण शुरू हुआ और न ही कोई निरीक्षण हुआ। ग्रामीण इसे सिर्फ चुनावी वादा मानने लगे हैं।








