महाशिवरात्रि पर उमड़ा आस्था का सैलाब

अंबेडकरनगर। महाशिवरात्रि के अवसर पर रविवार को जिलेभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भोर की पहली किरण के साथ ही मंदिरों और घाटों पर दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर रात तक जारी रहा। हर-हर महादेव और बम भोले के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक किया। इसके साथ ही बेलपत्र, धतूरा, भांग, बेर और गन्ना अर्पित कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही लंबी कतारें लग गईं। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं को घंटों इंतजार करना पड़ा, लेकिन उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।

शिवबाबा धाम और झारखंडी महादेव मंदिर में रही विशेष भीड़

अयोध्या हाईवे पर स्थित शिवबाबा धाम में तड़के चार बजे से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। दिन चढ़ने के साथ ही भीड़ का दबाव बढ़ता गया। मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी लाइनें लगी रहीं। प्रशासन की ओर से कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था की गई थी।

इसी तरह झारखंडी महादेव मंदिर में भी आस्था का केंद्र बना रहा। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अभिषेक कर पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर को फूल-मालाओं और आकर्षक रोशनी से सजाया गया था। शाम को आयोजित महाआरती में भारी भीड़ जुटी।

घाटों और मंदिर परिसरों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रमुख मंदिरों और घाटों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए। मंदिर परिसरों में बैरिकेडिंग कर प्रवेश और निकास के अलग-अलग मार्ग बनाए गए थे, जिससे व्यवस्था बनी रही।

घाटों पर भी सुबह से ही स्नान और जलाभिषेक के लिए लोगों की भीड़ रही। स्वयंसेवकों और स्थानीय समितियों ने भीड़ प्रबंधन में सहयोग किया। दिनभर प्रशासनिक अधिकारी विभिन्न स्थलों का निरीक्षण करते रहे।

Related Posts

संकट मोचन हनुमान मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन

अम्बेडकर नगर। जनपद के अंबेडकर नगर–अयोध्या मुख्य मार्ग पर स्थित निकट अन्नावां संकट मोचन श्री हनुमान मंदिर, पियारेपुर के प्रांगण में एक भव्य धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया…

Continue reading
जलालपुर में निषाद समाज के तीन प्रतीकों की प्रतिमाओं का अनावरण

जलालपुर (अम्बेडकर नगर)। माधवपुर गांव स्थित बाबा फलाहारी दास राम जानकी मंदिर परिसर रविवार को ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बना। निषाद समाज के तीन प्रमुख प्रतीकों— निषाद राज गुहा, एकलव्य…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *