हजपुरा, अम्बेडकरनगर। जलालपुर थाना क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टर की कथित लापरवाही से एक युवक की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। गलत दवा और इंजेक्शन लगाए जाने के बाद युवक की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और लंबे इलाज के दौरान 7 जनवरी 2026 को उसकी मौत हो गई। पीड़ित परिवार ने डॉक्टर पर धमकी देने, पुलिस पर लापरवाही और पोस्टमार्टम प्रक्रिया पर संदेह जताया है।
गलत इलाज के बाद बिगड़ी हालत
ग्राम गोलपुर निवासी किरण ने बताया कि उसके भाई भारत को 1 मई 2025 को पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई थी। परिजन उसे पास के एक निजी क्लीनिक में ले गए, जहां झोलाछाप डॉक्टर सुरेन्द्र कुमार, निवासी पीपरपुर, ने इलाज किया। आरोप है कि डॉक्टर ने कई इंजेक्शन लगाए, जिसके कुछ ही देर बाद भारत के सीने से कमर तक जलन और झनझनाहट शुरू हो गई। इसके बाद दोनों पैर सुन्न हो गए और चलने-फिरने में दिक्कत आने लगी।
शिकायत के बाद मामला दबाने का आरोप
परिजनों का कहना है कि जब डॉक्टर से हालत बिगड़ने की शिकायत की गई तो घबराने की जरूरत न बताकर मामले को दबाने की कोशिश की गई। हालत गंभीर होने पर भारत को अकबरपुर स्थित वर्तिका न्यूरो क्लीनिक में भर्ती कराया गया, जहां लगभग एक माह तक इलाज चला, लेकिन स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ।
इलाज से इनकार और मौत
परिजनों के अनुसार 25 सितंबर 2025 को वहां के डॉक्टरों ने आगे इलाज से इनकार कर दिया और मरीज की पर्ची तक फाड़ दी। इसके बाद भारत की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। इलाज के दौरान 7 जनवरी 2026 को उसकी मौत हो गई।








