दिल्ली से गिरफ्तार हुआ धर्मांतरण गिरोह का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान

आगरा। धर्मांतरण के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए आगरा पुलिस ने दिल्ली से मुख्य आरोपी अब्दुल रहमान कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया है। अब्दुल रहमान पहले हिंदू था और उसका नाम महेंद्र पाल था। वह 1990 में पहले ईसाई और फिर मुस्लिम बन गया। पुलिस के मुताबिक, अब्दुल इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड है और इससे पहले 6 राज्यों में गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों का भी सरगना है।

पुलिस ने बताया कि अब्दुल के घर से धर्मांतरण से जुड़ी कई किताबें बरामद हुई हैं, जिनमें बताया गया है कि धर्म परिवर्तन कैसे किया जाए, इसके नियम और इससे जुड़ी सुविधाएं क्या होती हैं। ये किताबें मौलाना कलीम सिद्दीकी द्वारा लिखी गई थीं, लेकिन बांटने का काम अब्दुल रहमान करता था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने हरियाणा की एक युवती को भी छुड़ाया, जिसे जबरन कन्वर्ट किया जा रहा था।

दो बहनों के लापता होने से खुला था रैकेट

धर्मांतरण गैंग का खुलासा उस समय हुआ जब मार्च में आगरा की दो सगी बहनें (33 और 18 साल की) लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए निशाना बनाया गया था। बड़ी बहन ने सोशल मीडिया पर हथियार के साथ अपनी तस्वीर भी पोस्ट की थी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और मामले की तह तक पहुंची।

यूट्यूब और पॉडकास्ट से कट्टरपंथी प्रचार

गिरफ्तार आरोपियों आयशा और मोहम्मद अली से पूछताछ में अब्दुल का नाम सामने आया। उन्होंने बताया कि रहमान “चचा” जैसा कहते थे, वैसा ही किया जाता था। अब्दुल यूट्यूब चैनलों और पॉडकास्ट के माध्यम से इस्लामी कट्टरपंथ और हिंदू प्रतीकों का अपमान फैलाता था। उसका साथी ओसामा, युवतियों को “इस्लामी बहन” बनाने की ट्रेनिंग देता था।

अमेरिका-कनाडा से होती थी फंडिंग

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस गैंग को अमेरिका और कनाडा से फंडिंग मिलती थी। रहमान का भतीजा लंदन से इस फंडिंग को रीरूट करता था। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि यह गैंग लव जिहाद और कट्टरपंथ फैलाने की साजिश में लगा था, जिसका उद्देश्य भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाना था।

धर्मांतरण के शिकार लोगों को नौकरी, पैसा, मकान और सामाजिक सुरक्षा का लालच देकर फंसाया जाता था। अब्दुल की पत्नी और दोनों बेटों की पत्नियां भी हिंदू से मुस्लिम धर्म में कन्वर्टेड हैं।

DGP बोले- ISIS से मिलता था गैंग का तरीका

उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक राजीव कृष्ण ने बताया कि ऑपरेशन ‘मिशन अस्मिता’ के तहत इस पूरे गिरोह पर कार्रवाई की जा रही है। यह नेटवर्क आईएसआईएस जैसी कार्यशैली अपनाकर काम करता था और युवाओं को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराता था।

पुलिस अब तक 200 से ज्यादा धर्मांतरण का कर चुकी है खुलासा

इस केस में पुलिस अब तक 200 से ज्यादा जबरन धर्म परिवर्तन के मामलों का खुलासा कर चुकी है। साथ ही कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक युवती भी शामिल है। मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने इस गिरोह की रीढ़ तोड़ने का दावा किया है।

Related Posts

पीएम मोदी से मिले गूगल सीईओ सुंदर पिचाई, AI सहयोग पर हुई चर्चा

नई दिल्ली। Google के सीईओ Sundar Pichai ने 18 फरवरी को प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात की। पीएम मोदी ने मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि भारत में…

Continue reading
गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस में युवती से दुष्कर्म की कोशिश

गोरखपुर। गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस के एसी प्रथम श्रेणी कोच में एक 22 वर्षीय युवती से दुष्कर्म की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोपी टीटीई राहुल कुमार को रेलवे प्रशासन ने…

Continue reading