कानपुर। फर्जी जज बनकर युवतियों और शिक्षिकाओं से लाखों रुपए की ठगी करने वाले शातिर ठग विष्णु शंकर गुप्ता का पुलिस ने 15 सितंबर को नवाबगंज स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया। आरोपी के साथ उसकी पत्नी आयुषी को भी हिरासत में लिया गया। घर से 25 लाख रुपए और अन्य जगह से 17.50 लाख रुपए बरामद किए गए।
कर्नलगंज इंस्पेक्टर विनीत कुमार ने दैनिक भास्कर को बताया कि पूछताछ के दौरान विष्णु शंकर ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने स्वीकार किया कि फिल्मों ‘स्पेशल-26’ और ‘ब्लफ मास्टर’ देखने के बाद उसे फ्रॉड करने का आइडिया आया। वह खुद को जज बताकर युवतियों को फंसाता और उनका पैसा ऐंठता था।
आरोपी ने कहा कि युवतियों को फंसाने का सबसे आसान तरीका मैट्रिमोनियल साइट्स और अखबारों के विज्ञापन थे। वह दिए गए पते पर युवतियों और उनके परिवार वालों से संपर्क करता और खुद को जज बताकर उन्हें इंप्रेस करता। ऐसे में लड़कियां बिना जांच-पड़ताल के उसके झांसे में आ जाती थीं।
विष्णु ने अपने कबूलनामे में बताया कि लखनऊ की KGMU नर्सिंग ऑफिसर और कानपुर की एक शिक्षिका को भी उसने इसी तरह फंसाया। युवतियों से ठगे गए पैसे और कार समेत अन्य संपत्ति प्राप्त करने के लिए उसने पूरी तैयारी की। ड्राइवर और कार के लिए फुल ड्रेसअप वाले पेशेवर लगाए जाते थे।
जेल में पूछताछ में उसने यह भी बताया कि दिल्ली यात्रा के दौरान किसी विवाद के समय उसने खुद को जज बताकर पुलिस को भी भ्रमित किया। इससे पुलिस बिना जांच लौट गई और उसका फ्रॉड सफल हो गया।
पुलिस ने बताया कि विष्णु शंकर गुप्ता के खिलाफ ठगी, धोखाधड़ी और जाली दस्तावेज बनाने के मामले दर्ज किए गए हैं। आरोपी से पूछताछ जारी है और जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि उसने कितनी युवतियों को फंसाया और कुल कितना पैसा ठगा।








