अंबेडकरनगर। जनपद में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मुख्यमंत्री आवास योजना के सर्वे कार्य में शिथिलता बरतने वाले कर्मचारियों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। परियोजना निदेशक (डीआरडीए) अनिल सिंह ने लगातार चेतावनी के बावजूद कार्य में सुधार न करने वाले एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों के विरुद्ध वेतन रोकने की संस्तुति की है।
सर्वे में नहीं दिखा जिम्मेदारी का भाव
पीडी अनिल सिंह के अनुसार, सर्वे कार्य में नलकूप चालक, ग्राम सचिव सहित अन्य संबंधित कर्मचारी निर्धारित समय पर सर्वे फीडिंग, भौतिक सत्यापन एवं लाभार्थियों की प्रविष्टि जैसे कार्यों को लेकर गंभीर नहीं दिखे। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति पर प्रभाव पड़ा है।
कई बार चेतावनी के बाद भी नहीं बदली कार्यशैली
सूत्रों के अनुसार, इन कर्मचारियों को पूर्व में कई बार निर्देश और चेतावनी दी गई थी कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से करें। लेकिन संबंधित कर्मचारी सर्वे रिपोर्टिंग में ढिलाई करते रहे, जिससे शासन को भेजे जाने वाले डाटा की विश्वसनीयता प्रभावित हुई।
पीडी ने भेजी वेतन रोकने की संस्तुति
परियोजना निदेशक अनिल सिंह ने संबंधित विकास खंड अधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर ऐसे कर्मचारियों के वेतन पर रोक लगाने की संस्तुति की है। उन्होंने कहा कि गंभीर योजनाओं में लापरवाही क्षम्य नहीं, और आगे भी ऐसे कर्मियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जा सकती है।
सभी ब्लॉकों में सर्वे की रफ्तार को लेकर निर्देश
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के सर्वे कार्य में तेजी लाने को लेकर सभी विकासखंड अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि लक्ष्य के अनुरूप प्रगति दर्ज कराएं, अन्यथा संबंधित कर्मचारियों की न सिर्फ जवाबदेही तय की जाएगी, बल्कि प्रतिवेदन शासन को भी भेजा जाएगा।








