अंबेडकरनगर। जिले में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को जिला कृषि अधिकारी अरविंद चौधरी ने 27 आकस्मिक छापेमारी की। इस कार्रवाई में निजी प्रतिष्ठानों, सहकारी समितियों और अन्य संस्थाओं पर छापे डालते हुए 12 उर्वरक के नमूने जांच के लिए ग्रहित किए गए और 3 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कार्रवाई की निगरानी जिला प्रशासन और कृषि अधिकारियों की संयुक्त टीम ने की।
उर्वरक की उपलब्धता और वितरण का हाल
जिले में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता है। दिसंबर तक यूरिया का लक्ष्य से अधिक वितरण हुआ, डीएपी और एनपीके की भी लक्ष्य से अधिक उपलब्धता दर्ज की गई। एसएसपी की उपलब्धता लक्ष्य से अधिक रही, जबकि एमओपी की उपलब्धता लक्ष्य के आस-पास रही। वितरण के बाद वर्तमान में सहकारिता और निजी क्षेत्र में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
किसानों के लिए निर्देश और प्रक्रिया
किसान भाई अपनी कृषि भूमि के अनुसार निर्धारित मात्रा में उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड और जोत-बही या खतौनी लेकर अपने नजदीकी उर्वरक विक्रय केंद्र पर पीओएस मशीन के माध्यम से उर्वरक ले सकते हैं। प्रशासन ने किसानों से आग्रह किया है कि वे केवल अपनी जोत के अनुसार ही उर्वरक लें।
नैनो यूरिया का विकल्प
यूरिया की अतिरिक्त उपलब्धता और टॉप ड्रेसिंग के लिए किसानों को नैनो यूरिया का छिड़काव करने का विकल्प भी प्रदान किया गया है। इससे फसल की उपज बढ़ाने में मदद मिलेगी और उर्वरक की खपत नियंत्रित रहेगी।








