अंबेडकरनगर। अकबरपुर थाना क्षेत्र के अरिया बाजार में खंडहरनुमा मकान के ध्वस्तीकरण को लेकर उठे सवालों और वायरल वीडियो के बाद पुलिस प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन ने कार्रवाई को पूरी तरह कानूनसम्मत और पारदर्शी बताया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौके पर उनकी भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित रही, जबकि ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया राजस्व विभाग की निगरानी में पूरी की गई।
सीओ सिटी का बयान, पुलिस की भूमिका स्पष्ट
सीओ सिटी नीतीश तिवारी ने बताया कि अरिया बाजार में हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस बल केवल शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तैनात था। उनके अनुसार, मकान ध्वस्तीकरण की कार्रवाई राजस्व टीम द्वारा कानूनगो और लेखपाल की मौजूदगी में कराई गई। पुलिस ने किसी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी कार्रवाई में हस्तक्षेप नहीं किया।
वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
यह मामला उस समय चर्चा में आया, जब नायब तहसीलदार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में यह दावा किया गया कि ध्वस्तीकरण के समय राजस्वकर्मी मौके पर मौजूद नहीं थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सीओ सिटी ने कहा कि केवल एक वीडियो के आधार पर पूरी कार्रवाई पर सवाल खड़े करना उचित नहीं है। उन्होंने दोहराया कि राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद थे और पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड की गई है।
दबंगों पर अवैध ध्वस्तीकरण का आरोप
दूसरी ओर, इस मामले को लेकर अलग तथ्य भी सामने आए हैं। अकबरपुर तहसील क्षेत्र के अरिया बाजार में आरोप है कि कुछ लोगों ने बिना मजिस्ट्रेट की मौजूदगी और बिना सीमांकन कराए दो जेसीबी मशीनों से एक मकान को गिरा दिया। बताया गया कि यह मकान गाटा संख्या 376 पर स्थित था और दशकों पुराना था।








