अम्बेडकरनगर। अकबरपुर नगरपालिका ने अपने सभी 35 नलकूपों को सौर ऊर्जा से संचालित करने का निर्णय लिया है। वर्तमान में केवल नौ नलकूप ही सौर ऊर्जा पर चल रहे थे। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना और बिजली पर होने वाले खर्च को कम करना है।
अकबरपुर नगरपालिका क्षेत्र में लगभग 27 हजार घरों तक पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुँचाने के लिए 11 पानी की टंकियां स्थापित हैं। इन टंकियों को भरने के लिए 35 नलकूपों का संचालन किया जाता है। नलकूपों को सौर ऊर्जा से संचालित करने से जलापूर्ति की स्थिरता बढ़ेगी और बिजली बिल में हर महीने लाखों रुपये की बचत होगी।
परियोजना की लागत और कार्यान्वयन
इस परियोजना के लिए कुल पांच करोड़ रुपये की लागत का सोलर पैनल इंस्टॉलेशन प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसे हाल ही में स्वीकृत किया गया। गोविंद गणेशपुर वार्ड में पहले से ही एक वाटरपंप सौर ऊर्जा पर संचालित है। वहीं, विजयगांव और लारपुर के पंपों पर सौर पैनल लगाने का कार्य अंतिम चरण में है। शेष 32 नलकूपों पर मार्च से पैनल लगाने का काम शुरू होगा।
सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित होने के बाद अधिकांश इलाकों में दिन-रात पानी की आपूर्ति संभव हो सकेगी। वर्तमान में बिजली गुल होने पर जलकल विभाग को पानी की आपूर्ति बाधित होने की समस्या का सामना करना पड़ता है। नई व्यवस्था से शहर के प्रमुख इलाकों और त्योहारों के दौरान भी पानी की कमी नहीं होगी।
जल आपूर्ति और गुणवत्ता
अकबरपुर नगरपालिका क्षेत्र में 25 वार्डों में 28 हजार भवन और दुकानों तक पानी पहुँचाने के लिए 250 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। पानी की गुणवत्ता की जांच में पीएच स्तर 6.50 से 8.50 के बीच और टीडीएस स्तर 409.50 से 500 पाया गया।








