- प्राइवेट पार्ट पर गहरे घाव, अभी ऑपरेशन संभव नहीं
- संक्रमण से बचाव के लिए की गई ड्रेसिंग
- अगली सर्जरी 2-3 महीने बाद की जाएगी
लखनऊ। आलमबाग रेप केस की मासूम पीड़िता की हालत अब स्थिर है। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में शुक्रवार को करीब तीन घंटे की जटिल सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने उसके पेट में कोलोसटॉमी यानी शौच के लिए कृत्रिम रास्ता तैयार किया। यह सर्जरी संक्रमण से बचाव के लिए की गई है।
पीड़िता को गुरुवार शाम को खून से लथपथ हालत में KGMU में भर्ती कराया गया था। पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. जेडी रावत ने बताया कि बच्ची के प्राइवेट पार्ट पर घाव बहुत गहरे और जटिल हैं, इसलिए अभी उस हिस्से का ऑपरेशन नहीं किया गया। केवल ड्रेसिंग की गई है ताकि संक्रमण न फैले।
क्या है कोलोसटॉमी?
कोलोसटॉमी एक प्रक्रिया है जिसमें शौच के लिए पेट में एक नया रास्ता बनाया जाता है। यह तब किया जाता है जब नीचे से मल त्याग संभव न हो या संक्रमण का खतरा ज्यादा हो।
आगे की सर्जरी दो-तीन महीने बाद
डॉ. रावत के मुताबिक, अगली सर्जरी दो से तीन महीने बाद की जाएगी, जब बच्ची का शरीर और घाव कुछ हद तक ठीक हो जाएंगे। अभी उसकी स्थिति स्थिर है और जान को खतरा नहीं है।
इलाज पूरी तरह मुफ्त
KGMU प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रेप पीड़ित का हर इलाज पूरी तरह निशुल्क होगा। मेडिकल टीम बच्ची की हालत पर लगातार नजर बनाए हुए है।








